पीएम मोदी से मिले Nobel विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी

नई दिल्‍ली। अर्थशास्त्र में Nobel विजेता अभिजीत बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। ‘वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग’ पर शोध के चलते भारतीय मूल के अमेरिकी अभिजीत बनर्जी को हाल ही में Nobel सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई थी। अभिजीत बनर्जी से मुलाकात की जानकारी खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए दी है। एस्तेय डिफ्लो और माइकल क्रेमर के साथ संयुक्त रूप से बनर्जी को Nobel पुरस्कार मिला है। बता दें कि एस्तेय डिफ्लो उनकी पत्नी भी हैं।
अभिजीत बनर्जी से मुलाकात की जानकारी खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए दी है। पीएम मोदी ने बनर्जी से मुलाकात को लेकर लिखा, ‘Nobel विजेता अभिजीत बनर्जी से मुलाकात शानदार रही। मानव सशक्तीकरण के लिए उनका जुनून दिखता है। विभिन्न मुद्दों पर हमारे बीच स्वस्थ और गंभीर चर्चा हुई। उनकी उपलब्धियों पर भारत को गर्व है। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।’
अभिजीत बनर्जी, एस्तेयर डिफ्लो और क्रेमर को पुरस्कार दिए जाने का ऐलान करते हुए नोबेल कमेटी ने अपने बयान में कहा है कि उनकी रिसर्च से वैश्विक गरीबी से निपटने में अहम मदद मिली है। बीते दो दशकों में उनकी प्रयोग आधारित अप्रोच से डिवेलपमेंट इकनॉमिक्स में बड़ा बदलाव आया है। इससे रिसर्च के फील्ड में नई प्रगति आई है।
जेएनयू से पढ़े हैं अभिजीत
अभिजीत ने 1981 में यूनिवर्सिटी ऑफ कलकत्ता से बीएससी के बाद 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एमए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 1988 में उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी किया।
वैश्विक गरीबी खत्म करने की दिशा में किया काम
अभिजीत ने ऐसी आर्थिक नीतियों पर रिसर्च किया, जो वैश्विक गरीबी को कम करने में मददगार बनीं। 2003 में उन्होंने एस्तेय डिफ्लो और सेंडहिल मुलैंटन के साथ मिलकर अब्दुल लतीफ जमील पावर्टी ऐक्शन लैब (JPAL) की बुनियाद रखी। 2009 में JPAL को डिवेलपमेंट को-ऑपरेशन कैटिगरी में बीबीवीए फाउंडेशन का फ्रंटियर नॉलेज अवॉर्ड मिला।
मीडिया से मोदी के बारे में क्‍या बोले अभिजीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी ने संवाददाताओं के एक सवाल का बड़ा दिलचस्प जवाब दिया। उन्होंने मुलाकात के वक्त प्रधानमंत्री के ही एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह संवाददाताओं के फेंके जाल में नहीं फसेंगे क्योंकि प्रधानमंत्री उन्हें सचेत कर चुके हैं।
पीएम से मुलाकात के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मेरी बहुत सौहार्दपूर्ण और अच्छी मुलाकात हुई। पीएम मोदी ने बातचीत की शुरुआत एक मजाक के साथ शुरू किया कि कैसे मीडिया मुझे (अभिजीत को) मोदी विरोधी बातें करने लिए उकसाएगा।’
अभिजीत ने कहा प्रधानमंत्री टीवी देखते हैं और उनकी हर चीज पर नजर रहती है, ‘वो मीडिया वालों को देख रहे हैं। नोबेल विजेता ने कहा, ‘वह (मोदी) टीवी देख रहे हैं और आप लोगों को भी देख रहे हैं। उन्हें पता है कि आपलोग क्या करने की कोशिश में हैं।’
दरअसल, अभिजीत से किसी रिपोर्टर ने देश की आर्थिक सुस्ती के हालात पर उनके बयान के बाद हुई पीएम से मुलाकात पर टिप्पणी करने को कहा। इस पर अभिजीत ने इशारों-इशारों में कहा कि उन्हें सब समझ आ रहा है कि मीडिया उनसे क्या कहलवाना चाहता है।
गौरतलब है कि अभिजीत ने कहा था कि बैंकिंग क्षेत्र का संकट बेहद गंभीर और भयावह है। उन्होंने कहा था, ‘बेहद गंभीर और भयावह स्थिति है और हमें इस पर चिंतित होना चाहिए। हमें कुछ महत्वपूर्ण और त्वरित बदलाव की जरूरत है।’
-एजेंसियां

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