इसे लेकर कोई वादा नहीं किया जा सकता, कोई तारीख़ नहीं बताई जा सकती: WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने चेतावनी देते हुए कहा है कि संभव है कि कोरोना वायरस कभी ख़त्म ही ना हो. इसके साथ ही विशेषज्ञों का कहना है कि इस महामारी से वैश्विक स्तर पर मानसिक सेहत का संकट पैदा होगा. बुधवार को ग्लोबल हेल्थ बॉडी ने कहा कि इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है कि कोरोना वायरस कब ख़त्म होगा.
WHO के इमर्जेंसी चीफ़ माइकल रायन ने कहा, ”हमें इस चीज़ को लेकर स्पष्ट और तैयार रहने की ज़रूरत है. संभव है कि कोरोना हमारे बीच क्षेत्र विशेष का एक अन्य वायरस बन जाए और यह कभी नहीं जाए. मुझे लगता है कि इसे लेकर कोई वादा नहीं किया जा सकता कि यह कब ख़त्म होगा. इसकी कोई तारीख़ नहीं है. यह बीमारी हमलोग के लिए लंबी अवधि का संकट बन सकती है.”
विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के मानसिक स्वास्थ्य विभाग की एक अन्य रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र को एक और ख़तरनाक संकट को लेकर आगाह किया गया है.
मानसिक स्वास्थ्य विभाग की डायरेक्टर डेवोरा केस्टल के मुताबिक़, “एकाकीपन, डर, अनिश्चितता, आर्थिक उथल-पुथल ये सभी मनोवैज्ञानिक परेशानी का कारण बन सकते हैं.” उनके मुताबिक़, हम यह उम्मीद कर सकते हैं कि आने वाले समय में हमें बच्चों में, युवाओं में और यहां तक की स्वास्थ्य कर्मियों में भी मानसिक कमज़ोरी देखने को मिल सकती है.”
वो आगे कहती हैं, “पूरी दुनिया का मानसिक स्वास्थ्य और जीवन इस महामारी से प्रभावित हुआ है और इसे प्राथमिकता से देखे जाने की ज़रूरत है.”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस में संक्रमण के मामले बढ़कर 242,271 हो गए हैं. संक्रमण के लिहाज़ से रूस दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया है जबकि अमरीका इस महामारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित देश है. अमरीका में संक्रमण के मामले 13 लाख 90 हज़ार से अधिक हो गए हैं. रूस में मरने वालों की संख्या 2,212 है.
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल में होने वाली मौतों में से 60 फ़ीसदी मौतों के कारण दूसरे थे. रूस में मॉस्को सबसे अधिक प्रभावित है, जहां मरने वालों की संख्या 1232 है. रूस की स्वास्थ्य मंत्री तात्याना गोलिकोवा ने आकड़ों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ से इंकार किया है.
-BBC

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *