अब किसी वार्ता की जरूरत नहीं, इमरान इस्‍तीफा दें और घर जाएं: मौलाना

इस्‍लामाबाद। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्तीफा दे देना चाहिए और घर चले जाना चाहिए क्योंकि सरकार विरोधी आजादी मार्च के मुद्दे पर अब किसी वार्ता की जरूरत नहीं है। द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक उन्होंने इमरान सरकार को यह स्पष्ट दे दिया कि अब किसी भी वार्ता की कोई आवश्यकता नहीं है और सरकारी टीम को बिना किसी सार्थक बातचीत के जाना और आना बंद करना चाहिए।
मौलाना ने धरने में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा, जब आप वार्ता के लिए आते हैं तो आपको प्रधानमंत्री का इस्तीफा लेकर आना चाहिए। मौलाना ने हालांकि, आईएसपीआर के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर के बयान का स्वागत किया कि सशस्त्र बलों की भूमिका आम चुनाव और राजनीतिक मामलों में हमेशा तटस्थ रही है।
उन्होंने कहा, डीजी आईएसपीआर का कहना है कि सशस्त्र बल तटस्थ हैं और हम उनके बयान का स्वागत करते हैं। मौलाना फजलुर रहमान विशाल आजादी मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसने आज नवें दिन में प्रवेश किया है। प्रदर्शनकारी 2018 के आम चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए इमरान खान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
रहमान ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को अब और समय नहीं दिया जाना चाहिए। उनकी पार्टी देश को दिवालियापन से बचाना चाहती है। अगर इस सरकार को तीसरा बजट पेश करने की अनुमति दी जाती है तो देश दिवालिया हो जाएगा। इमरान ने पांच साल में एक करोड़ नौकरियां देने का वादा करके देश के युवाओं को धोखा दिया है।
नौकरियां देने के बजाय सरकार अब 400 विभागों को खत्म करने की बात कर रही है। यह सरकार, जो झूठे वादों के आधार पर बनाई गई थी, को जाना होगा और अब यह काम करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। रहमान ने ठंड का मौसम होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के कार्यक्रम स्थल पर ही टिके रहने पर उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, हम केवल अपने राष्ट्रीय कर्तव्य को पूरा करने के लिए सभी कठिनाइयों को सह रहे हैं।
-एजेंसियां

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