एक-दो मामले पाए जाने पर पूरे दफ्तर को बंद करने की जरूरत नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्‍ली। भारत ने अपने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चौथे चरण में दी जाने वाली छूट और कार्यालयों को खोलने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कार्यस्थल पर कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपायों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि किसी दफ्तर में कोविड-19 के एक या दो मामले सामने आने पर पूरी इमारत को बंद करने की जरूरत नहीं है। दिशानिर्देशों के तहत कार्यालय को संक्रमणमुक्त कर लेने के बाद काम को फिर से बहाल किया जा सकता है।
मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश में साफ किया गया है कि बड़े स्तर पर मामले सामने आने पर दफ्तर की समूची इमारत को 48 घंटे के लिए बंद किया जाएगा। इमारत को संक्रमण मुक्त बनाए जाने और फिर से इसे काम बहाली के लिए उपयुक्त घोषित किए जाने तक सभी कर्मचारी घर से ही काम करेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कोविड-19 के लक्षणों से पीड़ित पाया जाता है तो उसे तुरंत संबंधित केंद्रीय या राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1075 पर सूचित करना होगा।
मंत्रालय ने कहा, अगर कोई भी कर्मचारी अपने आवासीय क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन की वजह से घर पर एकांतवास में रहने का अनुरोध करता है, उसे घर से काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
देश में कुछ विशेष शर्तों व दिशानिर्देशों के साथ 31 मई तक राष्ट्रव्यापी बंद 4.0 लागू किया गया है।
-एजेंसियां

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