IMF में भारत का कोटा न बढ़ने से हम न‍िराश, नाउम्मीद नहीं: सीतारमण

वॉशिंगटन। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IMF की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘IMF में भारत कोटा की 15वीं आम समीक्षा के तहत कोटा बढ़ाने के मसले पर पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाने को निराशाजनक मानता है।’ हालांकि उन्होंने सफलता मिलने की उम्मीद भी जताई।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF ) से भारत का कोटा नहीं बढ़ने से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निराशा व्यक्त की है। इस संदर्भ में आईएमएफ की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि, ‘कोटा की 15वीं आम समीक्षा के तहत कोटा बढ़ाने के पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाने को भारत निराशाजनक मानता है।’

अगले दौर की चर्चा में सफलता की उम्मीद
आगे उन्होंने कहा कि इसे भारत तात्कालिक झटका मानता है और उन्हें उम्मीद है कि अगले दौर की चर्चा में कोटा बढ़ाने के संबंध में भारत को सफलता प्राप्त होगी।
एक चार सूत्रीय विधि से होता है वितरण
बता दें कि आईएमएफ कोटा उसके कोष का मुख्य सोर्स है और इसका वितरण एक चार सूत्रीय विधि से किया जाता है। इसमें सदस्य देश की जीडीपी, आर्थिक विविधता और अंतरराष्ट्रीय भंडार पर गौर किया जाता है।
पांच साल में एक बार होती है समीक्षा
जब कोई देश आईएमएफ का सदस्य बनता है, तो उसके आर्थिक आकार और विशेषताओं वाले अन्य सदस्यों को मिले कोटे के आसपास ही उसे शुरुआती कोटा दिया जाता है। इसकी समीक्षा पांच साल में एक बार होती है। आईएमएफ में भारत का कोटा 2.76 फीसदी है। वहीं चीन और अमेरिका का कोटा क्रमश: 6.41 और 17.46 फीसदी है। आईएमएफ के सदस्य देश को मिला कोटा कोष में उसकी अधिकतम वित्तीय प्रतिबद्धता और वोटिंग पावर जैसी अन्य चीजें तय करता है।
व्यापार समझौता होने की उम्मीद
साथ ही वित्त मंत्री ने अमेरिका और भारत के बीच जल्द व्यापार समझौता होने की उम्मीद जताई। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है।

-एजेंसी

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