यमुना में गिर रहे नालों की भयावह स्थिति को नीरी व MC Mehta ने देखा

मथुरा। प्रख्यात पर्यावरणविद् सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता MC Mehta के साथ NIRI के क्षेत्रीय अधिकारी ने अपनी टीम के साथ मथुरा जनपद में कोसी ड्रेन से गोकुल बैराज के मध्य यमुना में गिर रहे नालों के जल में प्रदूषण की भयावह स्थिति का निरीक्षण किया ।

उल्लेखनीय है कि विगत दिनों यमुना में विभिन्न नालों के सीधे गिरते जल से उत्पन्न हुई भयावह स्थिति के समाधान हेतु यमुना कार्य योजना के याची हिन्दूवादी नेता गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता व प्रख्यात पर्यावरणविद MC Mehta से सम्पर्क साधकर निवेदन किया कि वे स्थिति की भयावहता का एक बार स्वयं निरीक्षण कर माननीय सर्वोच्च न्यायालय से समाधान कराने का प्रयत्न करें ।

MC Mehta saw the terrible condition of the drains falling in the Yamuna

उसी क्रम में श्रीमेहता नीरी के क्षेत्रीय अधिकारी एस.के.गोयल व पूरी टीम के साथ मथुरा पहुंचे जहां कोटवन सीमा से कोसी ड्रेन पहुंचकर ड्रेन के पानी में में बह रहे औद्यौगिक कचरे व रसायनों से काले पानी की स्थिति देखकर भौंचक्के रह गये।

उन्हें बताया गया कि वर्तमान में वृन्दावन के वाराह घाट पर जाकर यमुना में सीधे गि‍र रहे इस 20 एमएलडी पानी के सापेक्ष मात्र 12 एमएलडी पानी के शोधन की व्यवस्था ही की जा रही है और कोसी ड्रेन के संपूर्ण पानी को रोके बिना यमुनाजी के जल को स्नान व आचमन के योग्य बना पाने की कल्पना करना भी व्यर्थ होगा। कोसी ड्रेन के पश्चात उक्त दल मसानी नाले में बह रहे कूड़े व पालीथिन को यमुना में सीधे गिरते देख एक बार फिर भौंचक्का रह गया, तदुपरांत टीम ने गोकुल बैराज पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और औद्यौगिक रसायनों की अधिकता के चलते यमुना में उठ रहे सफेद फैन के झागों को देखकर व्यथित हो उठे।

श्रीचतुर्वेदी ने अवगत कराया कि औद्यौगिक रसायनों से भरे नालों को टैप न किये जाने व वर्तमान संयत्रों का पूर्ण संचालन न किये जाने के फलस्वरूप आम श्रद्धालु व समस्त ब्रजवासी श्रद्धा के वशीभूत ऐसे ही प्रदूष‍ित व विषैले जल में स्नान व आचमन के लिये अभिशप्त है ।

निरीक्षण के उपरांत श्रीकृष्ण-जन्मभूमि पहुंचकर दल के सदस्यों के मध्य यमुना की दयनीय व भयावह स्थिति पर हुई गहन चर्चा में श्री चतुर्वेदी ने मथुरा जनपद में कोसी ड्रेन सहित अन्य सभी सीधे गिर रहे नालों के बिन्दुओं पर पानी की सैम्पलिंग कराने व वास्तविक स्थिति से माननीय सर्वोच्च न्यायालय को अवगत कराने के उपरांत समस्या के समाधान हेतु आवश्यक निर्देश निर्गत कराने का आग्रह किया ।

संपूर्ण निरीक्षण में प्रमुख पर्यावरणविद् व सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एम.सी. मेहता, कु. महक रस्तोगी एड., कु. कात्यायनी एड., नीरी के क्षेत्रीय अधिकारी डा. एस.के.गोयल, सहायक अधिकारी प्रवीन कुमार, यमुना कार्य योजना के याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, विजय बहादुर सिंह व के.पी. सिंह की उपस्थिति उल्लेखनीय रही ।

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