Youth समागम में निरंकारी संत ने दी प्रभु व सत्संग से जुड़ने की सीख

मथुरा। ब्रज में पहली बार निरंकारी Youth समागम रविवार को हाइवे नवादा स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर आयोजित किया गया। जिसमें विभिन्न स्थानों से आए सैकड़ों युवाओं ने भागीदारी की।

निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी की प्रेरणा से आयोजित Youth समागम में युवाओं ने गीत-भजन-कविताएं और लघु नाटक के साथ प्रेरक विचार व्यक्त कर निरंकार-प्रभु और सत्संग से जुड़े रहने की सीख दी।

आगरा से आये मुख्य वक्ता निरंकारी प्रचारक युवा संत अमन मेहन्द्रु ने युवाओं के उत्साह की प्रशंसा करते हुए सत्संग की महत्ता बताई।

उन्होंने कहा कि सत्संग में नाकारात्मक विचारों को साकारात्मकता में परिवर्तित किया जाता है। हम सत्संग में लाभ लेने जाते हैं। हम नेक इंसान बने, हमारे अंदर अच्छे गुण हो, इसके लिए संत-महात्माओं के संदेश को सुनना जरूरी है, लेकिन यह तभी सम्भव है जब हम सत्संग में मोबाइल से दूरी बनायेंगे। सत्संग में मोबाइल विघ्न उत्पन्न करता है, जिससे सुनने वाले का ध्यान बंटता है।

युवा संत अमन जी ने कहा कि अच्छी बातें रटने से नहीं, बल्कि अपनाने से जीवन संवरता है। निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज बच्चों और युवाओं को श्रेष्ठ संस्कार दे रही हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी न केवल अपने परिवार का बल्कि अपने देश का भी नाम रोशन करे। उन्होंने कहा कि युवा सद्गुरु से ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर आध्यात्म को अपनाएं। बच्चे और युवा अपने माता-पिता तथा बड़ों का चरणस्पर्श कर सम्मान किया करें। घर-परिवार में प्रेम हो, सत्कार हो यही व्यवहारिक सीख निरंकारी मिशन दे रहा है।

यूथ समागम में संयोजक हरविंद्र कुमार, अमित खत्री, शुचि अरोड़ा, सादिका त्रिपाठी, भरत कुमार तथा किशोर “स्वर्ण” के नेतृत्व में युवाओं ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी।

प्रवक्ता किशोर “स्वर्ण” ने बताया कि समागम में युवाओं को आध्यात्म के माध्यम से आधुनिक टेक्नोलॉजी का सदोपयोग करने और बुरी आदतों से दूर रहने के टिप्स दिए गए। यूथ समागम का उद्देश्य युवाओं को आध्यात्म की ओर प्रेरित करना है। सन 1975 में बाबा गुरबचन सिंह जी ने निरंकारी यूथ फोरम बनाया था, जिसे बाबा हरदेव सिंह जी ने भी चलाया, उन्होंने देखा कि संसार भर में युवा वर्ग को गलत दिशा की ओर आकर्षित ही नहीं किया जा रहा बल्कि उनकी शक्ति का भी दुरुपयोग धर्म और मजहब के नाम पर हो रहा है। युवा शक्ति एक उमड़ती हुई नदी के समान है। यदि बांध लगाकर इसे नियंत्रित कर लिया जाता है तो बिजली भी पैदा कर सकती है और हमारे खेतों को हरियाली प्रदान कर सकती है। नहीं तो उमड़ता वेग बाढ़ बन हर ओर जान-माल का नुकसान ही करेगी, जो धरती को नर्क भी बना सकती है।

संयोजक हरविन्द्र कुमार ने बताया कि आज युवा शक्ति को नियंत्रित करके इसे नेक कार्यों के लिए प्रयोग करने की जरूरत है। वरना ये शक्ति गलत राह की ओर अग्रसर हो जायेगी। निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी देशभर में निरंकारी यूथ समागम के माध्यम से नेक दिशा देने का प्रयास कर रही हैं।

स्थानीय संयोजक हरविंद्र कुमार ने भागीदारी करने वाले बच्चों और युवाओं के साथ आए अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को सत्संग से जोड़े रखें।

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