Roshan Minar कार्यक्रम में शामिल हुए ब्रज के निरंकारी

समालखा/मथुरा। ब्रज के निरंकारी भक्त गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने वाले Roshan Minar  कार्यक्रम का हिस्सा बनकर स्वयं को गौरान्वित मान रहे हैं।

मीडिया प्रभारी किशोर “स्वर्ण” ने बताया कि संत निरंकारी मिशन ने गतदिवस हरियाणा के जी.टी.रोड स्थित समालखा के सन्त निरंकारी आध्यात्मिक परिसर में Roshan Minar की सबसे बड़ी मानव आकृति’ बनाकर अपना नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज करवाने का प्रयास किया। यह आकृति उसी स्थल पर बनाई गई, जहां ठीक एक सप्ताह के पश्चात् 24 नवम्बर से निरंकारी मिशन का तीन दिवसीय 71वां वार्षिक निरंकारी संत समागम आरंभ हो रहा है।

Nirankari of Braj became part of the Roshan Minar building,Broken Guinness Book record
Nirankari of Braj became part of the Roshan Minar building,Broken Guinness Book record

मथुरा के संयोजक हरविंद्र कुमार ने बताया कि सद्गुरु माता सुदीक्षा जी के दिव्य मार्गदर्शन में आयोजित संसार के सबसे बड़े कार्यक्रम में ब्रज के निरंकारी भक्तों का भाग लेना मथुरा शहर के लिए गर्व की बात है, इसमें भारत के विभिन्न भागों तथा दूर-देशों के लगभग बीस हजार 20,000 पुरुष तथा महिलाओं ने भाग लिया। इन सब के नाम पहले ही ओनलाइन रजिस्टर किये जा चुके थे।

स्थानीय संयोजक हरविंद्र कुमार के नेतृत्व में समालखा हरियाणा गए निरंकारी भक्तों ने लौटने पर बताया कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी सदस्य गतदिवस प्रातः 7 बजे से ही एकत्रित हो गए थे। प्रत्येक सदस्य को प्रबंधकों की ओर से भिन्न-भिन्न रंगों की पोशाक दी गई थी, जो उसके स्थान के अनुसार निर्धारित की गई थी। इस मानव आकृति में कुल 5 रंग थे और यह पोशाक हर सदस्य के लिए अपने पहले से पहने हुए वस्त्रों के ऊपर पहनने के लिए थी। इस मानव आकृति को बनाने के लिए लगभग 5 घण्टे का समय लगा। इसमें शामिल भरत कुमार ने बताया कि आकृति के ऊपर के भाग में मथुरा की बहनें लाल रंग की ड्रेस में थे, जबकि भाई नीली ड्रेस में मध्य में शामिल रहे।

सद्गुरु माता सुदीक्षा जी की दिव्य उपस्थिति में आयोजित उक्त कार्यक्रम माता सविन्दर हरदेव जी को समर्पित किया गया। जिन्होंने 13 मई 2016 से लेकर 5 अगस्त 2018 तक सद्गुरु रूप में मिशन का मार्ग-दर्शन किया। माता सविन्दर हरदेव जी चाहते थे कि मिशन का प्रत्येक अनुयायी एक रोशन मीनार बने और ब्रह्मज्ञान के इस उजाले को संसार के कोने-कोने तक फैलाये।

इस मानव आकृति में भाग लेने वालों को मुबारकबाद देते हुए सद्गुरु माता सुदीक्षा जी ने उनकी लगन, श्रद्धा तथा मर्यादा की प्रशन्सा की। उन्होंने कहा कि आप इतने घण्टे धूप में भी खड़े रहे परन्तु आपका उत्साह उसी तरह बना रहा। निरंकार दया करे कि सभी का जीवन एक रोशन मीनार बने और संसार का मार्ग-दर्शन करने वाला सिद्ध हो जैसा कि सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी चाहते थे। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आने वाले समागम के लिए विषय रखा गया है : माँ सविन्दर – एक रोशन सफर। वह चाहते थे कि हर मानव एक रोशन मीनार बने और दूसरों के मार्ग को भी रोशन करे।

सेवादल संचालक मोहन सिंह ने बताया कि 24 नवम्बर से निरंकारी मिशन का तीन दिवसीय 71वां वार्षिक निरंकारी संत समागम आरंभ हो रहा है। इसकी भी तैयारियों में मथुरा के सेवादार भक्त लगभग एक माह से लगातार क्रमानुसार जुटे हुए हैं।

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