फादर्स डे पर Nirankari भक्तों की सीख, जगतपिता को कभी न भूलें

मथुरा। Nirankari भक्तों ने फादर्स डे पर पिता को सम्मान देने और जगतपिता का गुणगान करने की सीख दी।
रविवार को हाइवे नवादा स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर आयोजित सत्संग में निरंकारी प्रचारक वी एस ठकुरेला ने जहां जगतपिता से जुड़े रहने की प्रेरणा दी, वहीं युवाओं ने परमपिता परमात्मा के प्रति अपने विचार व्यक्त किए।
Nirankari प्रचारक वी एस ठकुरेला ने कहा कि पिता प्रिय है और जगतपिता सर्वप्रिय, क्योंकि शरीर से जुड़े पिता तो सिर्फ एक ही जन्म में हमारा पालन करते है, जबकि परमपिता तो हर जन्म में, हर योनि में हमारा पोषण करते है। हम पर कृपा करके हमें चौरासी लाख योनियों के आवागमन से बचाने हेतु मनुष्य रूप में भेजकर हमें मोक्ष प्राप्ति का अवसर देते है। इसलिए पुत्र होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम पिता के साथ साथ जगतपिता परमात्मा का का भी धन्यवाद करें।
युवा प्रचारक किशोर स्वर्ण ने कहा कि एक पिता को जानकर ही हम उसकी संतान को जान पायेंगे। पिता से प्रेम करने के साथ ही उसकी संतान से भी प्रेम करने लगेंगे। कोई पिता नहीं चाहता कि उसके बच्चे आपस में लड़े, फिर धर्म और जाति के नाम पर बच्चे क्यों लड़ते है, इससे परमपिता परमात्मा तो नाराज होगा, आओं हम सब आपस में प्रेम करके जगतपिता को खुश करें।
युवा प्रचारक भरत कुमार ने कहा कि पूरी सृष्टि की रचना करने वाले जगतपिता जिसने हम सबको भी बनाया है, ऐसे पालनहार परमपिता को कभी न भूलें, सदा याद रखें।
सत्संग में आशीर्वाद लेने आए फिल्म अभिनेता मुकेश फोटवानी ने कहा ने कहा कि निरंकारी सद्गुरु के आशीर्वाद से जगतपिता से जुड़ने के बाद जीवन निखर गया है। फिल्म इंडस्ट्री मायानगरी में रहकर भी मायापति परमपिता का अहसास निरंतर नई उर्जा देता है।
अध्यापिका गीता गोला ने कहा कि यह तो हमें बाल उम्र में पता चल जाता है कि हमारा पिता कौन है, किन्तु जगतपिता परमात्मा कि पहचान केवल सद्गुरु कराता है। सत्गुरु से ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर जगतपिता को भी जान लें, जिससे जीवन का कल्याण होगा।
इस मौके पर संयोजक हरविंद्र कुमार ने बताया कि सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के सानिध्य में निरंकारी मिशन आध्यात्मिक जागरूकता के माध्यम से जगतपिता परमात्मा का बोध कराने का अभियान चला रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »