अंतर्राष्ट्रीय संत समागम में छाये रहे ब्रज के निरंकारी भक्त

मथुरा। ब्रज के भक्त हरियाणा के समालखा में सम्पन्न हुए अंतर्राष्ट्रीय 72 वें निरंकारी संत समागम की विभिन्न गतिविधियों में छाये रहे।

स्थानीय प्रवक्ता किशोर “स्वर्ण” ने बताया कि हरियाणा के गन्नौर और समालखा के बीच जी. टी. रोड पर स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित तीन दिवसीय संत समागम में भारत के हर प्रांत और दूरदेशों के लाखों श्रद्धालुओं के साथ मथुरा जोन के दस हजार से ज्यादा भक्तों ने जोनल इंचार्ज हरविंद्र कुमार अरोड़ा के नेतृत्व में सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वचनों का लाभ प्राप्त किया।

समागम में भक्तों को सम्बोधित करते हुए सत्गुरू माता सुदीक्षा जी ने फरमाया कि मानव खुद को दिव्य गुणों से अलंकृत करें तथा नकारात्मक भावनाओं को त्याग कर सही मायनों में मनुष्य बन कर जीयें। हमारी सारी उपलब्धियां प्रभु पिता परमात्मा की कृपा है और हमें उनका सदुपयोग करना है। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन प्रेम और परोपकार का मिशन है, जो सत्य, प्रेम और एकत्व पर आधारित संदेश 90 वर्षोंं से देते आए हैं।

सद्गुरु माता जी ने कहा कि हमारे व्यवहार में विनम्रता हो और जो कुछ भी हमें प्राप्त हुआ है, वह इस निरंकार प्रभु की ही देन है। हमें अपने सभी गुणों का सदुपयोग दूसरों के परोपकार में लगाना चाहिए।

माता सुदीक्षा जी ने बताया कि हमारी आत्मा परमात्मा का ही स्वरुप है, निरंकार का अंश ही है और अगर यह परमात्मा की अंश है तो हमारे अंदर गुण भी वैसे ही होने चाहिए। हमारे मन के भाव इन्सानियत का प्रमाण दें और कोई भी विपरीत भाव जैसे जाति-पाति, ऊँच-नीच इत्यादि मन में नहीं आयें।

सदगुरु माता जी ने निरंकारी भक्तों का आह्वान करते हुए कहा कि संतों की सिखलाई को हमने जीवन में उतारना है और साथ ही यह ज्ञान रुपी रोशनी अपने तक सीमित न रखते हुए इससे दूसरों को भी रोशन करना है, दूसरों को भी प्रेरणा देनी है। प्रेरणा केवल बोलों से नहीं, बल्कि अपने व्यावहारिक जीवन द्वारा, मीठे बोलों द्वारा, दूसरों के आँसू पोछते हुए, सांत्वना देते हुए हमने इस रोशनी को हर किसी तक ले जाना है।

सेवादल रैली को अपने आर्शीवाद प्रदान करते हुए सदगुरू माता सुदीक्षा जी ने कहा कि निरंकारी मिशन के शुरु के वर्षों से ही सेवादल अपनी सेवाओं को निभाता आ रहा है। सेवादल की वर्दी केवल वस्त्र का रुप नहीं होती। यह जहां हमारी शोभा बढ़ाती हैं वहां उसकी अपनी एक मर्यादा भी है। वर्दी के साथ साथ सेवा का भाव भी मन में होना जरुरी है। सेवा चेतन होकर की जाती है। सेवादल वर्दी में हमारी जिम्मेवारी बढ़ जाती है। हम अपने अहंकार को दूर कर और बोलों में मिठास रखते हुए अपनी सेवायें निभायें। माता सुदीक्षा जी ने निरंकारी भक्तों को संदेश दिया कि वे अपने जीवन में निरंतर सत्संग, सेवा, सिमरण करते रहें |

मथुरा के भक्तों ने निरंकारी प्रदर्शनी में दी सेवाएं

72 वें वार्षिक संत समागम स्थल पर लगाई गई भव्य निरंकारी प्रदर्शनी लाखों भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनीं रही | इस प्रदर्शनी में निरंकारी मिशन के 90 वर्षों का इतिहास, दर्शन, समाज एवं मानवता के प्रति की गई विभिन्न गतिविधियों को सुदर कटआउट, दुर्लभ तथा नवीन फोटोग्राफ और विभिन्न कला के मॉडलों द्वारा दर्शाया गया था | प्रदर्शनी की व्यवस्थाओं में मथुरा के लगभग 100 सेवादल के सदस्य संचालक मोहनसिंह, शिक्षक अशोक दयालु और सहायक शिक्षक योगेश के नेतृत्व में निरंतर जुटे रहे। जोनल इंचार्ज एचके अरोड़ा ने रेलवे काउंटर पर अपनी सेवाएं दी, वहीं किशोर स्वर्ण ने पूरे समागम की कवरेज करने में महत्वपूर्ण रोल निभाया और जितू आसवानी व राहुल फोटवानी ने निरंकारी पत्रिकाओं का प्रसार किया, जबकि भरत कुमार ने भक्तों को ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की।

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