Nirankari भक्तों ने मनाया मानव एकता दिवस

मथुरा। सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन आशीर्वाद से Nirankari मिशन की लगभग 3000 शाखाओं के साथ स्थानीय मथुरा ब्रांच द्वारा भी हाइवे नवादा स्थित संत Nirankari सत्संग भवन पर मानव एकता दिवस मनाया गया।

बाबा गुरबचन सिंह की शिक्षाओं को किया याद

इस मौके पर आयोजित सत्संग में बाबा गुरबचन सिंह जी सहित उन संत-भक्तों को श्रद्धा-सुमन अर्पित कर याद किया गया, जिन्होंने सत्य, प्रेम, शांति तथा मानव एकता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

वक्ताओं ने देशव्यापी ‘मानव एकता दिवस पर युगप्रर्वतक बाबा गुरबचन सिंह जी का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें समस्त मानव जाति का हितेषी बताकर उनके द्वारा किये गये उपकारों का शुकराना व्यक्त किया।

इस अवसर पर निरंकारी संतश्री हरविंद्र कुमार जी ने कहा कि मानव एकता ही निरंकारी मिशन की पहचान है । संत निरंकारी मिशन का ध्येय ही ब्रह्मज्ञान द्वारा मानव एकता को स्थापित करना है।

उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान के बाद वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को अपनाने से ही मानव एकता स्थापित की जा सकती है । बाबा गुरबचन जी ने मानव मात्र को एकता का पाठ ही नहीं पढ़ाया बल्कि मानव एकता का अनुपम उदाहरण भी प्रस्तुत किया , जिसकी तस्वीर आज संत निरंकारी मिशन में देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि बाबा गुरबचन सिंह जी के बलिदान के बाद निरंकारी मिशन खत्म नहीं हुआ, बल्कि आज हजारों गुरबचन मानव एकता को कायम रखने में तत्पर हैं।

संतश्री ने कहा कि बाबा गुरबचन जी परोपकारी , दूरदृष्टि और अत्यन्त उदार हृदय वाले थे । उनके मन में सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का भाव था , तभी तो सभी धर्मों के प्रति वे समभाव रखते थे , उन्होंने आजीवन सबको एक स्थान पर बैठाकर , एक प्रभु की भक्ति करने की प्रेरणा दी।

युवा प्रचारक किशोर ‘‘स्वर्ण ‘‘ ने बताया कि बाबा गुरबचन सिंह जी ने भारत की प्राचीन धरोहर ‘‘आध्यात्मिक ज्ञान‘‘ को विश्व के अनेक देशों में प्रसारित कर देश का गौरव बढ़ाया वहीं 17 वर्ष तक ‘‘सत्गुरू‘‘ रूप में निरंकारी मिशन का मार्गदर्शन कर ‘‘ब्रह्मज्ञान‘‘ की सौगात द्वारा परमात्मा के साक्षात्कार कराये और शराब बन्दी कर , दहेज की नुमाइश से परे सादा विवाह के सफल आयोजन कराये।

इस अवसर पर मोहनसिंह, लक्ष्मी, भगत कैलाश चंद्र, हरदेवी, हरीलाल वर्मा, अभिषेक, धीरज, जयकुमार, आरती, रूचि इसरानी, लोहरेसिंह, किशोर ‘‘स्वर्ण‘‘ आदि वक्ताओं ने बाबा गुरबचन सिंह जी एवं महान सेवादार चाचा प्रताप सिंह सहित सभी बलिदानी संत-भक्तों को याद कर भावपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित किये और उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाये। संचालन भरत कुमार ने किया।

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