ड्रग माफिया के हमले में नौ अमरीकी नागरिकों की मौत

उत्तरी मैक्सिको में संदिग्ध ड्रग माफिया के हमले में छह बच्चों और तीन महिलाओं समेत कम से कम नौ अमरीकी नागरिकों की मौत हो गई है.
पीड़ित लुहबारन परिवार के सदस्य थे, जो कई दशकों से मेक्सिको में बसे मोरमॉन समुदाय से अलग होकर बना है. बताया जा रहा है कि पीड़ित गाड़ियों के एक काफिले में जा रहे थे. मेक्सिको के सुरक्षा मंत्री ने इन लोगों को ग़लती से निशाना बनाए जाने की आशंका भी ज़ाहिर की है.
उत्तरी मैक्सिको के सिनोरा राज्य में दो ड्रग माफियाओं के बीच लड़ाई है. एक है ला लिनिआ जो एक बड़े ‘खुआरेज’ ड्रग्स गिरोह से जुड़ा है और दूसरा है, “लोस चापोस” जो सिनालोआ गिरोह का हिस्सा है. न्यू यॉर्क टाइम्स से बातचीत में परिजनों ने बताया कि मारे गए दो बच्चों की उम्र एक साल से भी कम थी.
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा, “अब वक्त है कि मैक्सिको, अमरीका की मदद से ड्रग माफियाओं पर कार्यवाही करे और धरती से उनका नामो-निशान मिटा दे. हम बस नए राष्ट्रपति के एक फोन का इंतज़ार कर रहे हैं.”
सिलसिलेवार पोस्ट में उन्होंने कहा कि “अमरीका ड्रग माफिया की हिंसा की समस्या से निपटने में सहयोग देने के लिए तैयार है.” ट्रंप ने कहा है कि ये काम जल्दी किया जाना चाहिए.
वहीं मैक्सिको के राष्ट्रपति आंद्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्राडोर ने कहा कि मैक्सिको हमले के लिए ज़िम्मेदार अपराधियों को पकड़ने के लिए “स्वतंत्र और संप्रभु” तरीके से कदम उठाएगा.
हमले के बारे में जो पता है?
सबसे पहले हमले की ख़बर आई, लेकिन मरने वालों की संख्या का पता नहीं चल पाया था. बाद में परिवार के सदस्यों और मैक्सिको के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है.
लुहबारन परिवार के सदस्यों ने बताया कि तीन मांओं और 14 बच्चों का एक समूह कारों के एक काफिले में सोनोरा राज्य से पड़ोसी राज्य चीवावा जा रहा था. उन पर सोनोरा राज्य के बेविस्पे में गोलीबारी की गई.
बाद में सड़क किनारे एक जली हुई एसयूवी पाई गई, जिसमें कुछ पीड़ितों के अवशेष थे. खबरों के मुताबिक परिवार के दूसरे सदस्यों ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें भी गोली मार दी गई.
तीन महिलाओं की एक रिश्तेदार जुलियन लुहबारन ने बताया कि दूसरे सात बच्चे हमले से बचने में कामयाब रहे. बताया जा रहा है कि ये हमला एक ड्रग माफिया गिरोह ने किया, जो इन दोनों राज्यों में सक्रिय है.
सोनोरा और चीवावा की सरकारों ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को इलाके में भेज दिया गया है.
सोनोरा राज्य की गवर्नर ने हमलावरों को “राक्षस” बताया. गवर्नर क्लॉडिया पावलोविच ने कहा, “एक मां के तौर पर मैं गुस्सा और दर्द महसूस कर रही हूं.”
पीड़ित कौन हैं?
परिवार के मुताबिक मरने वालों में एक साल से छोटे दो जुड़वा बच्चे शामिल हैं. बाकी बच्चे 11, नौ, छह और चार साल के हैं. 20वीं शताब्दी की शुरुआत में जब चर्च ऑफ जीसस क्राइस्ट ऑफ लैटर-डे सेंट्स ने अमरीका में बहुविवाह के खिलाफ कार्यवाही शुरू की थी, तब मोरमॉन समूह से अलग होकर लुहबारन समुदाय बनाया गया था. पीड़ित इसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.
मोरमॉन चर्च ने सार्वजनिक तौर पर बहुविवाह प्रथा के बहिष्कार का फ़ैसला किया था. 1890 से पहले एक से ज़्यादा शादियां प्रचलित थीं. ऐसे में जो समूह इस प्रथा को जारी रखना चाहते थे, वे अलग हो गए थे.
मैक्सिको में बसे लुहबारन समुदाय के लोग ड्रग्स गिरोह की हिंसा को लेकर मुखर रहे हैं. स्थानीय मीडिया का कहना है कि कारों के काफिले को ग़लती से निशाना बनाया गया हो सकता है, लेकिन लुहबारन समुदाय के लोगों को ड्रग्स गिरोह पहले भी निशाना बनाते रहे हैं.
मैक्सिको में ड्रग माफियाओं के बीच के संघर्ष में ये सबसे ताज़ा और भयानक हमला है. मरने वालों में अमरीकी नागरिक भी हैं, इसलिए इस घटना की अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है.
पिछले महीने सिनालोआ की पुलिस ने एक बड़े ड्रग माफिया के बेटे को रिहा कर दिया था. जिसके बाद मैक्सिको सरकार की काफी आलोचना हुई और अब सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है.
-BBC

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