NIA का कोर्ट में दावा: लगातार अपने पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में थी आसिया अंद्राबी

नई दिल्ली। कश्मीर में अलगाववाद को प्रमोट करने वाले प्रमुख चेहरों में से एक आसिया अंद्राबी को लेकर NIA ने सनसनीखेज दावे किए हैं। एनआईए ने कोर्ट को बताया है कि आसिया के संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत के सदस्यों के पास से मिले मोबाइलों की जांच में पाया गया है कि वे लगातार पाकिस्तान के अपने आकाओं के संपर्क में थे और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। दिल्ली की एक अदालत ने आसिया अंद्राबी और दो अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को 10 दिन के लिये राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA की हिरासत में आज सौंप दिया।
इन लोगों को देश के खिलाफ कथित तौर पर जंग छेड़ने के मामले में NIA की हिरासत में सौंपा गया है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि अब तक की जांच में पाया गया है कि आरोपी आसिया अंद्राबी, सोफी फहमीदा और नहीदा नसरीन साजिश कर भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थीं।
NIA ने कहा कि आसिया और उनके सहयोगी साइबरस्पेस पर पाकिस्तान के समर्थन में कैंपेन चला रहे थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि इनकी तरफ से आतंकियों को भी मदद दी जा रही थी। आपको बता दें कि तीनों को श्रीनगर से यहां लाया गया था और जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम बांबा के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने एजेंसी की अर्जी मंजूर कर ली कि प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की मुखिया से कश्मीर घाटी में घृणा फैलाने वाला भाषण देने के सिलसिले में पूछताछ किये जाने की जरूरत है।
NIA ने अंद्राबी और उसकी दो सहायकों, सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन की 15 दिन के लिए हिरासत मांगी थी। उन्हें बंद कमरे में सुनवाई के लिये कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत के समक्ष पेश किया गया। जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने पिछले महीने अंद्राबी की जमानत रद्द कर दी थी। उसके बाद से वह श्रीनगर के एक कारागार में है। उसे और उसके सहयोगियों के साथ कश्मीर से यहां लाया गया। NIA ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर उन लोगों के साथ-साथ संगठन के खिलाफ इस साल अप्रैल में मामला दर्ज किया था। यह संगठन गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है।
-एजेंसी

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