NIA ने कोयंबटूर से आईएस मॉड्यूल का सरगना हिरासत में लिया

चेन्‍नै। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने इस्लामिक स्टेट के मॉड्यूल्स की तलाश में आज तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर में सात जगहों पर छापा मारकर आईएस के एक मॉड्यूल के सरगना को हिरासत में लिया है।
बताया जा रहा है कि इस आईएस मॉड्यूल का सरगना मोहम्‍मद अजहरुद्दीन श्री लंका में ईस्‍टर के दिन बम धमाका करने के आरोपी हमलावर जहरान हाशिम से काफी प्रभावित है। NIA ने इस संबंध में एक नया मामला दर्ज किया है।
सूत्रों के मुताबिक कोयंबटूर में सात जगहों पर NIA ने छापा मारा है। बताया कि आतंकी संगठन आईएसआईएस के एक मॉड्यूल का सरगना मोहम्‍मद अजहरुद्दीन श्री लंका में बम विस्‍फोट के आरोपी हाशिम के साथ फेसबुक के जरिए संपर्क में था। दोनों के बीच अक्‍सर बातचीत होती थी। इसी आईएस मॉड्यूल की तलाश में NIA ने छापा मारा था। मोहम्‍मद अजहरुद्दीन को उसके घर से अरेस्‍ट किया गया।
आईएस काडरों ने श्रीलंकाई आतंकवादी के पोस्ट शेयर किए
बता दें कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच में जुट गई हैं कि कहीं केरल में मौजूद इस्लामिक स्टेट के मॉड्यूल्स का श्रीलंका में हुए आतंकी हमले में कोई हाथ तो नहीं था। एजेंसियों ने आईएस से सहानुभूति रखने वाले कई लोगों को पहले हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया था। बाद में उनसे हमलों को लेकर पूछताछ की गई। हालांकि, जांच में फिलहाल कुछ सामने नहीं आया है लेकिन यह पता चला है कि केरल मे आईएस काडरों ने श्रीलंकाई आतंकवादी आदिल के पोस्ट शेयर किए थे।
आदिल एक फेसबुक अकाउंट चलाता था जिसका नाम था ‘डिड यू नो’। उस पर वह इस्लाम के इतिहास से जुड़े पोस्ट शेयर करता था। इनका इस्तेमाल IS अपनी हरकतों को जस्टिफाई करने के लिए करता था। केरल में IS के काडर इन पोस्ट्स को बढ़-चढ़कर शेयर करते थे। एक एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीलंका अटैक का मास्टरमाइंड जहरान हाशिम केरल और तमिलनाडु के आईएस काडरों से पिछले तीन साल से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में था। NIA ने मोहम्मद आशिक, इस्माइल, शम्सुद्दीन, जफर सादिक अली और शाहुल हमीद को गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट के मुताबिक वे हाशिम और उसके लोगों से संपर्क में थे। बताया जा रहा है कि इन्‍हीं की तलाश में NIA ने छापे मारे हैं।
काफिरों को बताया खतरा
हाशिम और केरल के सलाफी प्रचारकों के भाषणों में भी समानताएं पाई गई हैं। दोनों ने ही दारुल कुफ्र (काफिरों की जगह) में मुस्लिमों के लिए खतरा बताया है और काफिरों से दूर रहने की जरूरत बताई है। मलयाली IS काडरों का श्री लंका से लिंक 2016 में भी पाया गया था जब वे सलाफी प्रचारक नवास-अल-हिंदी के हदीस स्टडी सेंटर पहुंचे थे।
कासरगोड के IS काडरों अब्दुल रशीद, अशफाक मजीद और हफीजुद्दीन ने यह सेंटर जॉइन किया था लेकिन बाद में छोड़ दिया था। अल-हिंदी ने कहा था कि मलयालियों को निकाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने IS का समर्थन किया था। दावा किया गया कि सेंटर ने कभी IS से किसी भी तरह से जुड़े लोगों को साथ नहीं दिया।
-एजेंसियां

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