बोधगया सीरियल ब्लास्ट में NIA court का फैसला, IM के 5 आतंकी दोषी करार

नई दिल्‍ली। बिहार की NIA court ने बोधगया के महाबोधि मंदिर के पास पांच साल पहले हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में शुक्रवार को सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। इस मामले में 31 मई को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।

पटना की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) अदालत के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने उमर सिद्दिकी, अजहरुद्दीन कुरैशी, हैदर अली, मुजिबुल्लाह अंसारी और इम्तियाज अंसारी को बोधगया में श्रृंखलाबद्घ बम विस्फोट मामले में दोषी करार देते हुए कहा कि इनकी सजा के मामले में सुनावाई 31 मई को होगी।

NIA कोर्ट का 4 साल बाद आया फैसला

बोधगया सीरियल ब्लास्ट मामले में 4 साल 10 माह 12 दिन के बाद आज NIA court का फैसला आया। 7 जुलाई 2013 को बोधगया में हुए नौ धमाकों में पांच आरोपियों के खिलाफ एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने फैसला सुनाया। इस धमाके में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे। पटना सिविल कोर्ट में 2013 में गठित एनआईए कोर्ट का यह पहला फैसला है।

बोधगया ब्लास्ट में एनआईए ने 90 गवाहों को पेश किया। विशेष न्यायाधीश ने 11 मई 2018 को दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अपना निर्णय 25 मई तक सुरक्षित रख लिया था। सीरियल ब्लास्ट का सरगना हैदर अली उर्फब्लैक ब्यूटी था। आरोपितों मे इम्तियाज अंसारी, उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन कुरैशी, मुजिबुल्लाह अंसारी हैं। कुछ रांची के रहने वाले हैं और कुछ छत्तीसगढ़ के रायपुर के रहने वाले हैं। ये सभी पटना के बेउर जेल में बंद है।

एनआईए ने मामले की जांच करने के बाद सभी आरोपों पर 3 जून 2014 को चार्जशीट किया था। 7 जुलाई 2013 सुबह 5:30 से 6:00 के बीच महाबोधि मंदिर में एक के बाद एक धमाके हुए थे आतंकियों ने महाबोधि वृक्ष के नीचे भी दो बम लगाए थे। सिलेंडर बम रखा गया था। जिसमे टाइमर लगा हुआ था। एनआईए ने जांच मे यह भी माना है कि रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई का बदला लेने के लिए गया मे ब्लास्ट किया गया था। ब्लास्ट के लिए हैदर ने रायपुर में रहने वाले सिमी के सदस्य उमर सिद्दीकी से संपर्क किया था। हैदर रायपुर गया था। राजा तालाब स्थित एक मकान में जिहाद के नाम पर प्रवचन दिया गया।

हैदर को बम विस्फोट का सामान भी वही दिया गया। हैदर ने ब्लास्ट के पहले बोधगया का पांच बार दौरा किया। वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था और उसके साथ ही आतंकी संगठन सिमी के सदस्य थे। हैदर ने बौद्ध भिक्षु बनकर मंदिर में प्रवेश किया।

NIA court इस मामले में 31 मई को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। -एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »