NHRC की रिपोर्ट: कुख्यात अपराधियों की सूची में ममता के मंत्री का भी नाम

कोलाकाता। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग NHRC की समिति द्वारा कुख्यात अपराधियों की सूची में नाम शामिल किए जाने से व्यथित वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने शुक्रवार को कहा कि वह कानूनी विकल्प तलाश कर रहे हैं।
समिति ने बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर एक रिपोर्ट तैयार की है। सूची में शामिल टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के कई अन्य विधायकों ने दावा किया कि उनकी पार्टी की छवि खराब करने के लिए जानबूझ कर प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर 24 परगना के हाबरा से तीन बार से विधायक मल्लिक ने कहा, ”आरोपों से मैं बहुत व्यथित हूं। मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात छोड़िए अगर पश्चिम बंगाल के किसी थाने में कोई मेरे खिलाफ सामान्य डायरी प्रविष्टि की बात बता दे तो मैं उसे पुरस्कार दूंगा।
उन्होंने कहा, ”कानून के मुताबिक कदम उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।” कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पश्चिम बंगाल में स्थिति ”शासन के बजाए शासक के इशारे पर चल रहे कानून का द्योतक है।
उच्च न्यायालय के समक्ष 13 जुलाई को पेश रिपर्ट में ”हत्या और बलात्कार जैसे संगीन अपराधों की सीबीआई जांच की अनुशंसा की गई है। दस्तावेज में टीएमसी के कई नेताओं को ”कुख्यात अपराधी बताया गया है जिनमें वन मंत्री, कैनिंग पूर्व से विधायक शौकत मुल्ला, नैहाती के विधायक पार्थ भौमिक, दिनहटा के पूर्व विधायक उदयन गुहा और नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव एजेंट शेख सूफियान शामिल हैं। मल्लिक से सहमित जताते हुए नैहाती से विधायक ने कहा कि सूची से प्रतिशोध की बू आ रही है।
-एजेंसियां

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