प्रमुख सचिव PWD को NGT की फटकार, पूछा- कब तक बनेगी रिंग रोड व सर्विस रोड

नई द‍िल्ली। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा दाखिल याचिका पर आज NGT में सुनवाई हुई, ज‍िसमें न्यायालय ने PWD के प्रमुख सचिव व मथुरा ज‍िलाध‍िकारी को लापरवाही के ल‍िए फटकार लगाई।

जिलाधिकारी मथुरा की तारीख पर ना मौजूदगी से न्यायालय नाराज,अगली तारीख पर जिला अधिकारी को किया तलब

मामले की सुनवाई करते हुए सबसे पहले न्यायालय ने उत्तरप्रदेश सरकार की तरफ से मौजूद अधिवक्ता पिंकी आनंद से पूछा कि क्या जिला अधिकारी मथुरा न्यायालय में मौजूद हैं ? इस पर सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि कुछ निजी कारणों की वजह से जिला अधिकारी आज न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके हैं, जिस पर न्यायालय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनको न्यायालय को पहले से अवगत कराना चाहिए था, न्यायालय ने सरकारी अधिवक्ता को निर्देशित किया कि जिला अधिकारी मथुरा अगली तारीख पर उपस्थित रहें ।

याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास व सत्य प्रकाश मंगल की और से मौजूद अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने न्यायालय को परिक्रमा मार्ग में व्याप्त अव्यवस्थाओं से अवगत कराया जिसमें कि पार्किंग की व्यवस्था, सर्विस रोड, रिंग रोड मुख्य बिंदु थे। इस संबंध में न्यायालय ने उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से मौजूद पी डब्लू डी विभाग के प्रमुख सचिव समीर वर्मा से सभी कार्यों की प्रगति के बारे में पूछा परंतु सचिव समीर वर्मा की तरफ से उचित जवाब ना देने पर न्यायालय ने पी डब्लू डी सचिव को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि न्यायालय में आने से पहले फाइल को अच्छे से पढ़ कर आया करें तथा अगली तारीख पर आ कर यह अवगत कराएं कि कब तक सर्विस रोड, रिंग रोड जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो जाएंगे। इसके अलावा न्यायालय ने कड़ी हिदायत के साथ सचिव समीर वर्मा को निर्देशित किया कि सरकार गोवर्धन में होने वाले जरूरी कार्यों पर पहले ध्यान दे और उन्हें जल्दी पूरा करे ।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने न्यायालय का ध्यान राजस्थान की तरफ कच्ची परिक्रमा में सीमेंटेड टाइल की तरफ भी आकर्षित किया जिस पर न्यायालय ने तत्काल प्रभाव से राजस्थान सरकार को उन टाइलों को हटाने के निर्देश दिए और राजस्थान सरकार को सौन्दर्यीकरण के नाम पर फिजूलखर्ची की रोकथाम के लिए कहा गया ।

एस ओ गोवर्धन से न्यायाधीश जस्टिस राघवेन्द्र सिंह राठौर व सत्यवान सिंह गब्रयाल ने पूछा कि पिछले माह की 26 व 27 तारीख को हुई घटना के सम्बंध में जो आपने जवाब दाखिल किया है उसको आपने अच्छे से समझ लिया है ना या उसके इलावा भी आप कुछ और कहना चाहते हैं, जिस पर न्यायालय में मौजूद एस ओ गोवर्धन लोकेश भाटी ने न्यायालय से माफी मांगते हुए कहा कि वह अपनी प्रत्याशित व अप्रत्याशित गलतियों के लिए न्यायालय से मांफी मांगते हैं ।

एन जी टी ने न्यायालय में मौजूद सभी अधिकारियों का संज्ञान लिया जिसमें पी डब्लू डी के चीफ इंजीनियर दीपक सिंघल, उप जिलाधिकारी गोवर्धन, सी ओ गोवर्धन, एस एच ओ गोवर्धन अन्य अधिकारी मौजूद रहे ।

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