NGT की UP के अपर सच‍िव को ह‍िदायत, बार-बार नहीं चलेगी हाज़ि‍री माफी

नई द‍िल्ली। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान मामले को लेकर आज NGT (National Green Tribunal) में सुनवाई हुई ज‍िसमें NGT के न्यायाधीश जस्टिस रघुवेंद्र सिंह राठौर व सत्यवान सिंह गब्र्याल के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से हाजिरी माफी की मांग करते हुए अवगत कराया कि सर्विस रोड का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट द्वारा स्वीकृत कर दिया गया है लिहाजा अब अपर मुख्य सचिव अवस्थी को हाजिरी माफी दे दी जाए।

इसका जवाब देते हुए याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास व सत्यप्रकाश मंगल की ओर से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन शर्मा, सार्थक चतुर्वेदी व राहुल शुक्ला ने न्यायालय को अवगत कराया कि अभी गिरिराज परिक्रमा संरक्षण से जुड़े अन्य बिंदुओं पर भी कार्य होना है, जिसके लिए पूर्व में हुई तारीखों में अपर मुख्य सचिव स्वयं न्यायालय के समक्ष अपने कथन में कह कर गए थे कि वे गोवर्धन के विकास से जुड़े सभी मामलों का जल्दी निस्तारण करेंगे ।

जिसका विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि अपर मुख्य सचिव लखनऊ स्थित केंद्रीय कार्यालय पर बेहद व्यस्त रहते हैं और उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है, अतः उनका इस तारिख पर न्यायालय में आना संभव नहीं है ।

याचिकाकर्ता की तरफ से मौजूद अधिवक्ता चेतन शर्मा, सार्थक चतुर्वेदी ने न्यायालय को यह अवगत कराया कि अपर मुख्य सचिव तीन बार न्यायालय से हाजरी माफी मांग चुके हैं तथा गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान से जुड़े इस मामले में सन 2015 में आदेश होने के बाद अब तक 5 साल बीत गए हैं और लगभग सभी कार्य अधूरे पड़े हैं।

न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर अपनी कड़ी नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के खिलाफ कड़ा आदेश पारित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों की यह आदत हो गई है कि वो न्यायालय को गंभीरता से नहीं लेते, लाखों लोगों की आस्था व पर्यावरण से जुड़े मामले का क्रियान्वयन करने में अभी तक उत्तर प्रदेश सरकार को 5 साल लग गए हैं, अधिकारी मामले की गंभीरता न समझते हुए लगातार न्यायालय का कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं जो कि न्यायोचित नहीं है ।

NGT ने अपर मुख्य सचिव उत्तरप्रदेश सरकार की हाज़ि‍री माफी की प्रार्थना को खारिज़ करते हुए सख्त हिदायत के साथ उन्हें अगली तारीख पर उपस्थित रहने के आदेश जारी किए और मामले की अगली सुनवाई एक दिन बाद कि मुकर्रर करते हुए अब इस मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी को करना तय किया।

-Legend News

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