NGT ने लगाई मथुरा पुलिस, प्रशासन, MVDA व PWD को कड़ी फटकार

NGT ने जताई भारी नाराजगी, जिले के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज हुआ न्यायालय, अगली सुनवाई 4 दिस. को,

NGT ने ग्राम प्रधान महमदपुर व सचिव पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया 

Advocate Sarthak-Chaturvedi
Advocate Sarthak-Chaturvedi

मथुरा। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण समिति द्वारा दाखिल याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान NGT को याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास बाबा व सत्य प्रकाश मंगल के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने गोवर्धन में बंद पड़े पार्किंग स्थलों के छाया चित्र दिखाकर अवगत कराया कि न्यायालय ने काफी समय पहले पार्किंग स्थलों के लिए निर्देश जारी किए थे उसके बाद भी मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा काफी समय बाद 6 पार्किंग स्थलों का निर्माण किया गया जोकि आज की स्थिति में बिल्कुल बंद पड़े हैं तथा उनमें कोई भी गाड़ी खड़ी नहीं हो रही है।

साक्ष्यों को देख माननीय न्यायालय के न्यायाधीश रघुवेंद्र सिंह राठौर व डॉ सत्यवान सिंह गबर्याल बेहद नाराज हुए तथा पार्किंग की दीवारों पर ग्राम प्रधान और सचिव का नाम और मोबाइल नंं. लिखा देख कर विकास प्राधिकरण के वाईस चैयरमेन नागेंद्र प्रताप को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि “आप ने कभी जाकर देखा है इन पार्किंगों को ?” नाराज न्यायालय ने ग्राम प्रधान महमदपुर व सचिव पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाते हुऐ वी सी एम वी डी ए को पार्किंगों को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी तथा नई अधिकृत होने जा रहे पार्किंग स्थलों का कार्य 31 दिसम्बर तक पूरा करने को कहा, समय पर कार्य पूरा ना होने पर 5000 रुपये प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जायेगा ।

NGT ने और क्‍या कहा- 

गोवर्धन में सभी पार्किंगों को सुचारू रूप से चलाने की जिमेदारी विकास प्राधिकरण की

31 दिसंबर तक चालू हो नए पार्किंग स्थल, नहीं तो देना होगा 5000 रुपए प्रति दिन का जुर्माना

गोवर्धन में हो अतिरिक्त सुरक्षा बल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को न्यायालय दिए आदेश, आदेश की प्रति प्रमुख सचिव गृह को भी भेजी जाएगी

अतिक्रमण नहीं हटाए गए तो तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी होंगे जिम्मेदार

गोवर्धन में रिंग रोड व सर्विस रोड का काम जल्द पूरा करें लोक निर्माण विभाग

कलेक्टर भरतपुर, डी एफ ओ भरतपुर को किया तलब

अन्नकूट पर हुई यातायात अव्यवस्था व प्रदूषण को लेकर अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने न्यायालय को अखबारों में प्रकाशित खबरों से अवगत कराया जिस पर न्यायालय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार से पूछा कि क्या विशेष पर्वों पर गोवर्धन में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती है, इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा कई बार पत्राचार करने की बात कही। तब न्यायालय उनसे इसके साक्ष मांगे तो वो उपलब्ध नहीं करवा पाये जिस पर न्यायालय ने अपने आदेश में इस बात को अंकित कराते हुऐ प्रमुख सचिव गृह को भी आदेश की कॉपी अग्रेषित करने के आदेश दिये तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कड़ी हिदायत देते हुए परिक्रमा मार्ग व गोवर्धन के लिये अतरिक्त सुरक्षा बल व परिक्रमा मार्ग में वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी की हिदायत दी ।

जिला अधिकारी निजी कारणों से न्यायालय में उपस्थित नहीं रहे जिनकी जगह उप जिलाधिकारी प्रशासन वहां मौजूद रहे जिसको न्यायालय ने अपने आदेश में अंकित किया तथा अतिक्रमणों को तुरंत हटाने के निर्देश दिये, और कहा कि आदेश का पालन ना करने की स्थिति में तहसीलदार गोवर्धन समेत सभी आला अधिकारियों को इसके लिये जिम्मेदार समझा जायेगा ।

लोक निर्माण विभाग की तरफ से मौजूद एक्स ई एन वर्मा को भी कड़ी हिदायत के साथ सर्विस रोड व रिंग रोड का कार्य जल्दी समाप्त करने के आदेश दिये। राजस्थान की तरफ हो रहे द्वार के निर्माण कार्य की तरफ न्यायालय का ध्यान आकर्षित करते हुऐ अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने बताया कि परिक्रमा मार्ग में राजस्थान के बॉर्डर पर एक गेट का निर्माण कार्य चल रहा है जो कि नो कंस्ट्रक्शन जोन में है, जिस पर न्यायालय ने कलेक्टर भरतपुर, डी एफ ओ भरतपुर को अगली तारीख के लिए तलब कर लिया है । मामले की अगली सुनवाई 4 दिसम्बर को होना तय है ।

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