प्रदूषण को लेकर NGT की दिल्ली सरकार को फटकार

नई दिल्ली। राजधानी में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति से निबटने में कोताही बरतने के लिए NGT ( हरित न्यायाधिकरण ) ने आज दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह अगले 48 घंटे के अंदर इस मामले पर कार्यवाही रिपोर्ट दाखिल करे वरना उसके खिलाफ तगड़ा जुर्माना लगाया जाएगा।

NGT के न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रदूषण से निबटने के लिए अभी तक कार्यवाही रिपोर्ट दाखिल नहीं किए जाने पर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार से गहरी नाराजगी जताते हुए पूछा कि वह एक भी ऐसा कदम बताये जो उसने प्रदूषण से निबटने के लिए उसके पूर्व में दिए गए आदेश का अनुपालन करने के लिए उठाया हो।
पीठ ने सवाल किया “क्या दिल्ली के लोग हर समय तकलीफ ही सहने के लिए हैं।

एनजीटी ने दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के तरीकों पर एक व्यापक एक्शन प्लान दाखिल नहीं करने को लेकर सोमवार को दिल्ली सरकार को फटकार लगाई. साथ ही, खराब वायु गुणवत्ता होने के बावजूद भारत-श्रीलंका क्रिकेट मैच कराने को लेकर अधिकारियों की भी आलोचना की.
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने खास आदेश के बावजूद रिपोर्ट दाखिल करने में आप सरकार के नाकाम रहने पर ऐतराज जताया. सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा कि उसे एक्शन प्लान दाखिल करने के लिए और वक्त चाहिए क्योंकि मुख्य सचिव और पर्यावरण सचिव का हाल ही में तबादला हुआ है.

NGT ने सरकार को अगले 48 घंटों के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.

एनजीटी ने कहा, ‘आपकी कार्रवाई योजना कहां है? आपने इसे क्यों नहीं सौंपा? अगर आप हर किसी को बदलते रहेंगे, तो हम क्या कर सकते हैं? यदि लोग आपके साथ बने नहीं रहना चाहते हैं तो यह हमारी समस्या नहीं है.’ इसने कहा, ‘आप बैठकें करते रहे हैं लेकिन हमें बताइए कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पिछले चार दिनों में आपने कोई काम किया, या कदम उठाया.’ यह कहा जा रहा है कि शहर में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, फिर भी सरकार हालात से निपटने में ढीला रवैया अपना रही है.

भारत और श्रीलंका के बीच तीसरे टेस्ट मैच कराने को लेकर भी NGT ने अधिकारियों की आलोचना की

भारत और श्रीलंका के बीच तीसरे टेस्ट मैच कराने को लेकर भी एनजीटी ने अधिकारियों की आलोचना की. इसमें प्रदूषण की वजह से खलल पड़ी है.
श्रीलंकाई टीम ने हवा की खराब गुणवत्ता की शिकायत की. इसके चलते भारत को पारी घोषित करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
बेंच ने कहा कि हर अखबार की हेडलाइन में था कि इस हफ्ते वायु प्रदूषण का स्तर अधिक होने जा रहा है, फिर भी आपने कोई कार्रवाई नहीं की. यहां तक कि खिलाड़ी भी मास्क पहन कर खेल रहे हैं. यदि गुणवत्ता खराब थी तो आपको मैच नहीं कराना चाहिए था.
NGT ने इस परिस्थिति में ऑड-इवन कार योजना लागू नहीं करने को लेकर भी दिल्ली सरकार की खिंचाई की.

इसने कहा, ‘आप दो पहिया वाहनों के लिए छूट चाहते हैं लेकिन आप दिमाग का इस्तेमाल नहीं कर रहे कि ये 60 लाख वाहन सबसे ज्यादा प्रदूषण की वजह हैं.’ इसने यह भी कहा कि एनजीटी को बताया गया था कि शहर की सड़कों पर 4,000 बसें उतारी जाएंगी लेकिन शहर की सरकार ने आश्वासन के तीन साल बाद भी एक भी बस नहीं खरीदी है.
गौरतलब है कि NGT ने 28 नवंबर को आप सरकार और चार पड़ोसी राज्यों- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान को प्रदूषण से निपटने पर एक कार्रवाई योजना सौंपने को कहा था.
-एजेंसी