एनजीटी ने फ‍िर तलब क‍िए मथुरा के डीएम, एसएसपी, थानाध्यक्ष गोवर्धन

नई द‍िल्ली। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा दाखिल याचिका पर आज सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण की पीठ ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मौजूद अधिवक्ता पिंकी आनंद को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “आपको पता भी है गोवर्धन में क्या हो रहा है ??? लगता है आपको पूरी जानकारी नहीं है”। इस के बाद जब सरकार की अधिवक्ता पिंकी आनंद ने कहा कि गोवर्धन में माननीय न्यायालय के आदेश के बाद अधिकारियों ने काफी कार्य कराया है तथा साफ सफाई करवाये जाने के कुछ फोटोग्राफ भी न्यायालय को दिखाना चाहते हैं ।

जस्टिस रघुवेंद्र सिंह राठौर ने जब कहा कि “पहले यह बताइए कि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक न्यायालय में क्यों उपस्थित नहीं है ??” इस पर सरकार की अधिवक्ता पिंकी आनंद ने कहा कि मथुरा में आज माननीय राज्यपाल आई हुई हैं जिसके कारण जिलाधिकारी मथुरा व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पाये हैं, न्यायालय ने उसी वक्त सुनवाई को टालते हुए कहा कि इस मामले में अब सुनवाई कल होगी तथा जिला अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व गोवर्धन के थानाध्यक्ष को सुनवाई में मौजूद रहने के लिये आदेशित किया ।

राजस्थान सरकार की तरफ से मौजूद अधिकारियों से जब न्यायालय ने पूछा क‍ि “आपने कच्ची परिक्रमा मार्ग में कैसे पक्का निर्माण किया ???” इस पर राजस्थान सरकार के कमिश्नर ने न्यायालय का कोई पुराना आदेश दिखाते हुए कहा कि सरकार ने माननीय न्यायालय के आदेश पर ही कार्यवाही की है, इस पर न्यायालय ने राजस्थान सरकार के कमिश्नर से ऑर्डर की कापी दिखाने को कहा। आर्डर देख न्यायालय ने नाराज होते हुए राजस्थान सरकार के कमिश्नर को डांट लगाई और कहा कि “आप और आपके अधिकारी क्या आदेश को सही तरीके से पढ़ना भी नहीं जानते, आदेश में कुछ और लिखा है और आप उसका उल्टा कार्य करवा रहे हैं”, इस पर न्यायालय ने नाराज होते हुए गलत किये हुए कार्यों को दो हफ्ते में सही करने का आदेश दिया और कहा कि कच्ची परिक्रमा मार्ग पर लगे सभी सीमेंटिड टाइल तत्काल हटाए जाएं ।

याचिकाकर्ता सत्यप्रकाश मंगल की ओर से एक शपथ पत्र दाखिल कर न्यायालय को यह अवगत कराया गया कि मनीष लंबरदार व उसके कुछ साथी लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से न्यायालय की अवमानना कर रहे हैं। इसी के साथ इस याचिका से जुड़े गोवर्धन के निवासी हरिओम शर्मा व गौतम खंडेलवाल को भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, और उनको व उनके परिवार को लगातार धमकाया जा रहा है।

सत्य प्रकाश मंगल ने कहा कि ये सभी तथाकथित लोग दिल्ली में जाकर एनजीटी में पैरवी करने से रोकते हुए कहते हैं क‍ि याचिकाकर्ता का कोई किसी भी प्रकार से सहयोग ना कर। याचिकाकर्ता सत्य प्रकाश मंगल ने अपने शपथ पत्र में यह भी कहा कि इन सभी तथाकथित लोगों के पीछे कुछ बड़े लोग हैं जो मंदिरों के पैसे को लूटने के लिये जान बूझ कर गोवर्धन की जनता को भ्रमित कर रहे हैं । इस सब में प्रशासन के कुछ अधिकारियों की भी संलिप्तता नज़र आती है ।

न्यायालय को अवगत कराते हुए याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि हरिओम शर्मा व गौतम खंडेलवाल के गोवर्धन पुलिस को दिए शिकायत पत्र पर अभी तक पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है ।

-Legend News

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