कोरोना पर राहत की खबर: ICMR ने कहा, देश में अभी तक कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हुआ

नई द‍िल्ली। कोरोना वायरस पर एक राहत भरी खबर यह है कि इस वायरस का देश में अभी तक कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हुआ है, ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने यह जानकारी दी है। यह अलग बात है कि काउंसिल ने परीक्षण के बंदोबस्‍त बढ़ाए हैं, इसके लिए उसने निजी लेबोरेट्रीज से गठजोड़ किया है।

ICMR के प्रबंध निदेशक बलराम भार्गव ने कहा है कि उन्होंने करोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांस्मिशन को लेकर एक अध्ययन किया है और देशभर के 50 शहरों से करीब 820 सैंपल इकट्ठा किए हैं ज‍िनमें से 500 रैंडम सैंपल के शुरुआती परीक्षणों में सभी निगेटिव पाए गए हैं। उन्‍होंने जोर दिया कि कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन के सबूत नहीं मिले हैं। उन्‍होंने उन रिपोर्टों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि सरकार पर्याप्‍त लोगों का परीक्षण नहीं कर रही है।

भार्गव ने कहा, ”हमारा मकसद डर और भय के माहौल को कम करना है। हम टेस्टिंग में कोई भेदभाव नहीं करना चाहते हैं. साथ ही अपने पास उपलब्‍ध संसाधनों का ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्‍तेमाल करना चाहते हैं। ” आईसीएमआर के चीफ एपिडेमियोलॉजिस्‍ट आरआर गंगाखेड़कर ने कहा कि भारत की टेस्टिंग स्‍ट्रैटेजी की दूसरे देशों से तुलना करना गलत है। उन्‍होंने कहा, ”उन देशों में यह महामारी स्‍टेज 3 में पहुंच गई है। ऐसे कोई सबूत मिलेंगे तो हम अपनी रणनीति में बदलाव करेंगे। हम स्थितियों पर पूरी नजर रख रहे हैं।” आईसीएमआर की 51 लेबोरेटरी ने अलग-अलग लोगों के सैंपल टेस्‍ट किए हैं, इन्‍हें सांस लेने में काफी ज्‍यादा तकलीफ थी।

क्‍या है कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन?

कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन थर्ड स्‍टेज होती है। यह तब आती है जब एक बड़े इलाके के लोग वायरस से संक्रमित पाए जाते हैं। कम्युनिटी ट्रांसमिशन में कोई ऐसा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है जो न तो कोरोना वायरस से प्रभावित देश से लौटा है और न ही वह किसी दूसरे कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो। इस स्टेज में यह पता नहीं चलता कि कोई व्यक्ति कहां से संक्रमित हो रहा है।

क्‍या है कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन?

कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन थर्ड स्‍टेज होती है। यह तब आती है जब एक बड़े इलाके के लोग वायरस से संक्रमित पाए जाते हैं। कम्युनिटी ट्रांसमिशन में कोई ऐसा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है जो न तो कोरोना वायरस से प्रभावित देश से लौटा है और न ही वह किसी दूसरे कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो। इस स्टेज में यह पता नहीं चलता कि कोई व्यक्ति कहां से संक्रमित हो रहा है।

क्‍या है लोकल ट्रांसमिशन?

अभी देश में कोरोना वायरस दूसरे चरण यानी लोकल ट्रांसमिशन के स्‍टेज में है। यह तब आती है जब विदेश से लौटे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से उसके परिजन, रिश्तेदार आदि संक्रमित होना शुरू होते हैं। लोकल ट्रांसमिशन में यह पता होता है कि वायरस कहां से फैल रहा है। इस तरह उस स्रोत के संपर्क में आए लोगों की पहचान आसान होती है। वहीं, पहली स्‍टेज उसे कहते हैं जब प्रभावित देशों से आने वाले लोगों में संक्रमण पाया जाता है। इसी चौथी स्‍टेज खतरनाक है। चीन में यह अपनी चौथी स्‍टेज में था। ऐसी स्थिति में इसका हल खोज पाना कठिन होता है।

– एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *