मेहुल चौकसी का नया पैंतरा: भारत लौटा तो मेरे साथ मॉब लिंचिंग का खतरा

मुंबई। पंजाब नेशनल बैंक में 14 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी और गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चौकसी ने भारत में कानून के कठघरे से बचने के लिए अब नया पैंतरा चला है। चौकसी ने मॉब लिंचिंग की आशंका जाहिर करते हुए स्पेशल कोर्ट से अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वॉरंट को रद्द करने की मांग की है।
ईडी द्वारा दायर चार्जशीट का संज्ञान लेकर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) कोर्ट ने मार्च और जुलाई में चौकसी के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया था। पीएनबी घोटाले का खुलासा होने से पहले ही चौकसी देश छोड़कर भाग गया था। इसी मामले में आरोपी उसका भांजा नीरव मोदी भी फरार है।
स्पेशल कोर्ट में दायर याचिका में चौकसी ने भारत वापसी पर अपने पूर्व कर्मचारियों, कर्जदाताओं के अलावा जेल स्टाफ और अन्य कैदियों से जान को खतरा बताया है। याचिका में कहा गया है, ‘याची के लिए कंपनी का संचालन असंभव हो गया है। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला और कर्जदाताओं को पैसे वापस नहीं मिले, ये सभी लोग याची के खिलाफ आक्रोशित हैं और इसलिए जान का खतरा पैदा हो गया है।’
आगे कहा गया है, ‘भारत में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल के समय में आम जनता सड़क पर ही न्याय करने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रही है। आवेदक को भी इसी तरह का खतरा है। कई लोग आवेदक से नाराज हैं।’ अपील में कहा गया है कि चौकसी ने कभी जांच से दूरी नहीं बनाई है। जांच एजेंसियों ने उससे जो भी पूछा है उसका जवाब दिया है।’ यह भी लिखा गया है कि यदि चौकसी को भारत लाए जाने पर जेल में रखा जाता है तो जेल स्टाफ से भी खतरा रहेगा।
अपील में कहा गया है कि अपने खराब स्वास्थ्य, पासपोर्ट रद्द होने और जान पर खतरे की वजह जैसी परिस्थितियों की वजह से चौकसी भारत नहीं जा रहा है। स्पेशल पीएमएलए जज एमएस आजमी ने प्रवर्तन निदेशालय को चौकसी की अपील पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
-एजेंसी

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