नई तकनीक समय की मांग परंतु सैनिकों का महत्‍व बरकरार: जनरल रावत

नई दिल्‍ली। जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि भारतीय सेना को नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल करने में सबसे आगे रहना चाहिए।
सोमवार को रक्षा तकनीक सेमिनार में थल सेना प्रमुख ने कहा, संपर्क रहित युद्ध प्रणाली के विकास से ही भविष्य की लड़ाइयां जीतने में मदद मिलेगी। जनरल रावत 31 दिसंबर को रिटायर होंगे, इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल नरवाणे उनकी जगह लेंगे।
जनरल रावत ने कहा कि यह स्पष्ट हो रहा है कि भविष्य की लड़ाई में संपर्क रहित युद्ध प्रणाली दुश्मन पर बढ़त दिला सकती है, तो हमें इस दिशा में तुरंत कदम उठाना चाहिए। हमें क्वांटम तकनीक, साइबर स्पेस और सबसे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के फायदों को समझने की जरूरत है।
दुश्मन की सीमा में घुसे बिना हमला
संपर्क रहित युद्ध प्रणाली, लड़ाई की नई तकनीक है। इसमें पारंपरिक हथियारों के साथ आमने-सामने की लड़ाई की जगह, आधुनिक हथियारों से दुश्मन पर हमला किया जाता है। इनमें लंबी दूरी की मिसाइलें, गाइडेड हथियार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध शामिल हैं। इस तरह की लड़ाई में दुश्मन की सीमा में प्रवेश किए बिना ही उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
सैनिकों का महत्व हमेशा रहेगा: जनरल रावत
जनरल बिपिन रावत ने कहा, “भविष्य की लड़ाइयों में संपर्क रहित युद्ध प्रणाली का महत्व बढ़ेगा। इसका अर्थ यह नहीं है कि हाथ में राइफल लेकर जंग के मैदान में उतरने वाले सैनिक की अहमियत खत्म हो जाएगी। सदियों से उनका महत्व था और हमेशा रहेगा।”
नई तकनीक अपनाने के लिए आगे आना जरूरी
उन्होंने कहा कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है, अब इस मुहावरे पर चलने का समय नहीं रह गया है। अब आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए लगातार नवाचार हो रहे हैं। भारतीय सेना को नई तकनीक अपनाने के लिए आगे बढ़कर कदम उठाने होंगे।
-एजेंसियां

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