डायबीटीज की नई दवा किडनी को सुरक्षित रखने में मददगार

पिछले 2 दशक से ज्यादा समय से दुनियाभर में किडनी और दिल से जुड़ी बीमारियों की अहम वजह डायबीटीज ही रहा है। लेकिन अब डायबीटीज की एक ऐसी दवा सामने आयी है जो शुगर कंट्रोल करने के साथ ही किडनी और दिल को भी सुरक्षित रखेगी।
डॉक्टरों की मानें डायबीटीज से पीड़ित मरीजों में इस दवा की मदद से पेशंट की किडनी को भी 30 प्रतिशत तक सुरक्षित रखा जा सकता है। यही वजह है कि डायबीटीज को मैनेज करने में इसे एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
ब्लड शुगर कंट्रोल कर किडनी डैमेज से बचाती है दवा
न्यू इंगलैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित इस स्टडी के नतीजे बताते हैं कि कैनाग्लिफ्लोजिन (canagliflozin) नाम की यह दवा जो सोडियम ग्लूकोज ट्रांसपोर्टर की तरह काम करती है न सिर्फ ब्लड शुगर को कंट्रोल कर किडनी डैमेज से बचाती है बल्कि दिल से जुड़ी बीमारियों जैसे हार्ट फेल से बचाने में भी मदद करती है। साल 2014 में इस स्टडी को शुरू किया गया था जिसमें करीब 13 हजार डायबीटीज और क्रॉनिक किडनी डिजीज के मरीजों को शामिल किया गया था। इनमें भारत के भी 144 मरीज शामिल थे। इस स्टडी में यही जानने की कोशिश की गई कि कैनाग्लिफ्लोजिन नाम की इस दवा में किडनी को होने वाले नुकसान को कम करने की कितनी क्षमता है।
किडनी फेल होने का अहम कारण डायबीटीज ही है
द जॉर्ज इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसंधानकर्ताओं ने कैनाग्लिफ्लोजिन नाम की दवा पर यह स्टडी की। स्टडी के लीड ऑथर प्रफेसर व्लाडो पर्कोविक ने कहा कि डायबीटीज के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस नई ट्रीटमेंट के बारे में जानकारी हासिल करना जरूरी है। पिछले करीब 2 दशक से दुनियाभर में लोगों में किडनी फेल होने का अहम कारण डायबीटीज ही रहा है लेकिन किडनी के फंक्शन को बचाने के लिए किसी तरह का नया इलाज विकसित नहीं किया गया। डायबीटीद से पीड़ित लोगों में किडनी फेलियर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना अधिक रहता है। ऐसे में कैनाग्लिफ्लोजिन नाम की यह दवा महत्वपूर्ण खोज के रूप में साबित हो सकती है। सिर्फ इस एक दवा को हर दिन लेने से डायबीटीज के मरीजों में किडनी और हार्ट डिजीज के खतरे को कम किया जा सकता है।
दिल से जुड़ी बीमारियों का भी खतरा 30 प्रतिशत कम
अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो इस स्टडी के नतीजों को तुरंत लागू किया जा सकता है क्योंकि यह दवा पहले से ही मार्केट में मौजूद है। इस स्टडी यानी रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि कैनाग्लिफ्लोजिन का सेवन करने वाले मरीजों में किडनी फेलियर और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है। साथ ही इस दवा का कोई बहुत ज्यादा साइड-इफेक्ट या रिस्क भी सामने नहीं आया है। भारत में डायबीटीज और किडनी से जुड़ी बीमारियों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने इस स्टडी को एक महत्वपूर्ण खोज बताया है जिसके जरिए बड़ी संख्या में लोगों की जान बचायी जा सकेगी।
-एजेंसियां

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