नर्व एजेंट हमला: अमरीका भी रूस के ख़िलाफ़ खुलकर आया सामने

पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर ब्रिटेन में नर्व एजेंट से हुए हमले में अब अमरीका भी रूस के ख़िलाफ़ खुलकर आ खड़ा हुआ है.
अमरीका का कहना है कि उसने यह पाया है कि प्रतिबंधित रसायन से यह हमला रूस ने ही करवाया था और इसलिए वह अब रूस पर पाबंदियों का ऐलान करेगा.
इसकी घोषणा बुधवार को अमरीकी विदेश मंत्रालय ने की.
अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हैदर नॉर्ट ने एक बयान में कहा है, ”संयुक्त राज्य अमरीका ने 1991 के केमिकल एंड बॉयोलॉजिकल वेपन्स कंट्रोल एंड वॉरफेयर एलिमिनेशन एक्ट के तहत यह पाया है कि रूस ने अंतर्राष्ट्रीय काननू का उल्लंघन करते हुए रासायनिक या जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया था.”
हैदर नॉर्ट ने कहा कि ये प्रतिबंध 22 अगस्त से लागू होंगे.
पश्चिमी देशों और रूस में तनातनी
इसी साल 4 मार्च को 66 साल के स्क्रिपल और उनकी 33 वर्षीय बेटी इंग्लैंड में सेलिस्बरी सिटी सेंटर में एक बेंच पर बेहोशी की हालत में मिले थे.
उनकी हालत बहुत ख़राब थी लेकिन कई हफ्तों तक अस्पताल में रहने के बाद वो पूरी तरह ठीक हो गए.
इस घटना ने ब्रिटेन और रूस के संबंधों को भी तल्ख़ कर दिया था. इस हमले का आरोप रूस पर लगाते हुए पहले ब्रिटेन ने और फिर उसके समर्थन में 20 से ज़्यादा देशों ने अपने यहां से रूसी राजनयिकों को निकाल दिया था. अमरीका ने भी अपने यहां से 60 रूसी राजनयिकों को देश छोड़ने को कहा था और सिएटल का रूसी दूतावास बंद कर दिया था.
हालांकि, रूस ने इसमें किसी भी तरह की भूमिका होने से इंकार किया था.
ब्रिटेन की सरकार ने कहा था कि इस हमले में रूस में निर्मित नर्व एजेंट ​नोविचोक का इस्तेमाल किया गया है.
इस हमले के तीन महीने बाद ही दो और लोग- डॉन स्ट्रगस और उनके पति चार्ली रोली भी विल्टशर स्थित अपने घर में इसी तरह के हमले में बेहोश मिले थे. जांच के बाद अमरीका की सैन्य रिसर्च लैब के वैज्ञानिकों ने पाया था कि इस हमले में भी नोविचोक का इस्तेमाल किया गया था.
-BBC

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