नेहरू के समय से कांग्रेस के साथ रहा परिवार प्रियंका के व्‍यवहार से आहत, छोड़ी पार्टी

भदोही। कारपेट नगरी में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समय से कांग्रेस से जुड़ा एक परिवार कांग्रेस महासचिव तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के व्यवहार से इतना आहत हुआ कि उसने कांग्रेस को त्याग दिया।
जवाहर लाल नेहरू सरकार में मंत्री रहे पंडित श्यामधर मिश्र की बहू तथा भदोही जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष नीलम मिश्रा ने कल पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
इतना ही नहीं, उन्होंने समर्थकों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी और गठबंधन के प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र को समर्थन देने का ऐलान भी किया।
भदोही जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष नीलम मिश्रा ने बताया कि प्रियंका गांधी ने भदोही आगमन पर सार्वजनिक रूप से मेरा अपमान किया था। जिससे मैं काफी आहत हूं और मेरे साथ जिला कांग्रेस कमेटी के कई पदाधिकारियों और नेताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। नीलम ने मिश्रा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को यहां चुनावी सभा के बाद उन्होंने प्रियंका गांधी से शिकायत की थी कि भदोही से पार्टी के प्रत्याशी रमाकांत यादव जिला कांग्रेस कमेटी से बिल्कुल भी तालमेल नहीं रख रहे हैं। उनकी ओर से रैली में पार्टी के कई जिला पदाधिकारियों को पास नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि इस पर प्रियंका ने भीड़ के सामने ही उनसे तेज आवाज में बात की और कहा कि अगर आप लोग अपमानित महसूस कर रहे हैं तो करते रहिए। इसके अलावा प्रियंका ने भीड़ के सामने कई कड़े शब्द कहकर पार्टी जिला इकाई के पदाधिकारियों को अपमानित किया। उन्होंने कहा कि वह और उनके साथियों ने 19 मई को होने वाले भदोही लोकसभा सीट के चुनाव में गठबंधन के प्रत्याशी रंगनाथ मिश्रा का समर्थन करेंगे।
इसके साथ ही इन सभी नेताओं ने भदोही से बाहरी लोगों को टिकट देने का आरोप लगाया है। नीलम मिश्रा ने कहा कि जब रमाकांत यादव को टिकट दिया गया तो यह हमारे लिए बड़ा धक्का था। रमाकांत यादव बाहरी और पूर्व भाजपा सदस्य हैं। यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से दूरी बना रखी है। हमें किसी तरह का कोई समर्थन नहीं दिया गया। यहां चुनाव लड़ने के लिए यादव को पार्टी की ओर से करोड़ों रुपये दिए गए हैं।
कांग्रेस को बड़ा नुकसान
नीलम मिश्रा का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। नीलम मिश्रा व उनका परिवार पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय से पार्टी से जुड़ा रहा है। भदोही कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीलम मिश्रा कांग्रेस से पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित श्यामधर मिश्रा की बहू हैं। जवाहर लाल नेहरू की सरकार में नीलम के ससुर केंद्रीय सिंचाई राज्य मंत्री थे। इसके बाद इंदिरा गांधी के समय भी उनका काफी ररूख था। नीलम के पति रत्नेश मिश्रा दस वर्ष तक भदोही से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे हैं। रत्नेश मिश्र के निधन के की मौत के बाद नीलम मिश्रा को भदोही जिले की कमान पार्टी ने सौंपी थी। उनका परिवार तब से अभी तक पार्टी में ही रहा लेकिन नीलम के इस निर्णय ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है। नीलम मिश्रा ने पार्टी के जिलाध्यक्ष के साथ प्राथमिक सदस्यता को छोड़ने के साथ यह भी ऐलान किया कि वह इस चुनाव में बसपा के स्थानीय प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र का समर्थन करती है। वह किस पार्टी में जाएंगी इस पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय अभी नहीं लिया गया है आने वाले समय मे इसका फैसला किया जाएगा।
इस बारे में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मुशीर इकबाल ने कहा कि जिला अध्यक्ष नीलम मिश्रा सहित कई पदाधिकारियों ने जल्दबाजी में यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा अभी चुनाव खत्म होने का इंतजार करना चाहिए था।

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