गौरक्षा के लिए सभी का समन्वय और सहयोग की आवश्यकता: जगद्गुरू शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वती

सुरभि ग्लोबल नैतिक शिक्षा केन्द्र द्वारा मार्च 2018 में वृन्दावन से दिल्ली तक निकाली जाने वाली गौरक्षा अभियान यात्रा के विषय को लेकर गोवर्धनपीठ के पुरी पीठाधिश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य श्री निश्चलानन्द सरस्वती जी से भेंट की।
केन्द्र के संयोजक स्वामी नारायण दास ने आगामी यात्रा व केन्द्र के गौरक्षा के उद्देश्यों के बारे में शंकाराचार्य जी को अवगत कराते हुए बताया कि गौहत्या बन्द, गौचर भूमि की मुक्ति, गौमांस निर्यात पर रोक, एवं गौआधारित कृषि के उत्थान के उद्देश्य को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें जनजाग्रति के माध्यम से लोगो को पुनः गौपालन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। केन्द्र की आगामी रणनीति के विषय में अवगत कराते हुए आगामी क्षेत्रिय यात्राओं के साथ साथ 2018 में वृन्दावन से दिल्ली तक होने वाली यात्रा के विषय में अवगत कराया।
जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानन्द सरस्वती जी ने कहा कि कोई भी राजनैतिक पार्टी गौहत्या बन्दी के पक्ष में नहीं है। करपात्री जी के आन्दोलन में जो सन्तों के साथ क्रूरता हुयी उसके पश्चात् आज तक गौरक्षा का आन्दोलन नहीं उठ सका। मैं उस क्रूरता का साक्षी रहा हूॅ। उसके बाद आज तक गौरक्षा के लिए आन्दोलन न खड़े होने का कारण आपसी समन्वय में कमी है। यदि हम गौरक्षा की बात करेगे तो चाहे कोई भी सरकार हो हम उसके विरूद्ध कार्य करेगे। उन्होने अभियान को अपना समर्थन देते हुए कहा गौरक्षा के लिए मैं सदैव तत्पर हूॅ और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए यह कार्य अतिआवश्यक है।
इस अवसर पर स्वामी रामानन्द महाराज, कृष्णकान्त अवस्थी, श्रीकान्त शर्मा, पुरूषोत्तम सामन्त आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।