जेल में बंद नवाज शरीफ ने कहा, यह ‘चोरी का जनादेश’ है

इस्लामाबाद। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आम चुनाव के परिणाम को ‘चोरी का जनादेश’ करार देते हुए चेताया कि ‘दागदार और संदिग्ध’ परिणाम का देश की राजनीति को दूषित कर देगा।
डॉन अखबार की खबर के अनुसार अडियाला जेल में मिलने आने वालों से बातचीत के दौरान पीएमएल-एन के पूर्व प्रमुख ने फैसलाबाद, लाहौर और रावलपिंडी के चुनाव परिणामों पर संदेह जताया। पाकिस्तान चुनाव के बाद आए नतीजों के बाद यह नवाज शरीफ की पहली प्रतिक्रिया है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पीएमएल-एन के उम्मीदवारों की स्थिति बहुत अच्छी थी, लेकिन उन्हें पराजित घोषित कर दिया गया है। लंदन में चार लग्जरी फ्लैट के मालिकाना हक के मामले में जेल में बंद शरीफ, उनकी बेटी मरियम शरीफ और दामाद कैप्टन मोहम्मद सफदर के लिए गुरूवार मुलाकात का दिन होता है। जेल में शरीफ से मुलाकात के बाद कई नेताओं ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री का कहना है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पूर्ववर्ती सरकार के खराब कामकाज के बावजूद इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को ‘जीत दिलाई’ गई है।
वहां पहले भी पीटीआई की सरकार थी। शरीफ का कहना है कि 2013 के आम चुनावों के मुकाबले इस बार पूर्व क्रिकेटर खान की हालत खस्ता थी।
अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार शरीफ का कहना है कि चोरी से प्राप्त किया गया यह दागदार और संदिग्ध जनादेश पाकिस्तान की राजनीति को दूषित कर देगा। पीएमएल-एन प्रमुख शाहबाज शरीफ, खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर इकबाल जफर झागरा, मरियम के पुत्र जुनैद सफदर, महनूर सफदर, मरियम की पुत्री मेहरू निशा, पूर्व मंत्री मरियम औरंगजेब और पीएमएल-एन के मीडिया संयोजक मोहम्मद मेहदी ने जेल में शरीफ और मरियम से भेंट की। शरीफ के डॉक्टर ने भी जेल से उनसे मुलाकात की।
बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम को अब लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है। दोनों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। अगर सेना और आईएसआई ने थोड़ा नरम रुख अपनाया तो दोनों को जमानत मिल सकती है। हालांकि, नवाज के चुनाव लड़ने पर बैन है। इसे हटाने के लिए भी उन्हें लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
-एजेंसी

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