नवरात्र मातृ शक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करने का त्योहार है: रमेश भाई ओझा

Navaratri is the festival of reverence for Mother Power: Ramesh Bhai Ojha
नवरात्र मातृ शक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करने का त्योहार है: रमेश भाई ओझा

मातृ शक्ति के प्रति सम्मान, एकता ही शक्ति है और इस शक्ति का नाम मां दुर्गा है। हमें इस दिव्य देवी की पूजा करनी चाहिए।

कोई भी व्यक्ति चाहे आदमी हो या औरत एक मां के बिना उसे अच्छी तरह से नहीं पाला जा सकता है। दुनिया के सामने माता के प्रति प्यार, सम्मान और विश्वास को प्रकट करने के लिए नवरात्र मनाया जाता है।
यह मातृ शक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करने का त्योहार है।
एक स्तुति है-

या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमो नम:

दिव्य देवी जो सार्वभौमिक मां के रूप में विश्व में व्याप्त है, हम उन्हें कोटिश:  नमन करते हैं।
हम जो एक बाघ की पीठ पर सवार मां दुर्गा की पूजा करते हैं। शेर की सवारी हर कोई नहीं कर सकता। इसके लिए अदम्य साहस की आवश्यकता होती है। लोग शेर का सामना होने पर ही भाग खड़े होते हैं। आठ हाथों वाली देवी दुर्गा जो शेर सवारी करती हैं।

देवी मां के आठ हाथों का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
शास्त्रों की मान्यता के अनुसार, हिंदू धर्म के चारों वर्गों के दो-दो हाथ मिला दिए जाएं तो आठ हाथ होते हैं। जो एकता का प्रतीक है। एकता में ही शक्ति होती है। इसी एकता, इसी शक्ति से मां दुर्गा का रूप उभरता है।

इसी शक्ति से मां दुर्गा दानव महिषासुर का विध्वंस करती हैं। सांप्रदायिकता के महिषासुर ऐसी ही शक्ति से मारे जा सकते हैं। एकता ही शक्ति है और इस शक्ति का नाम मां दुर्गा है। हमें इस दिव्य देवी की पूजा करनी चाहिए।

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