sanskriti university में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस

मथुरा। शनिवार को sanskriti university के छात्र-छात्राओं ने उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए का संदेश देने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत, समाज सुधारक, युग पुरुष स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने क्विज प्रतियोगिता में जहां अपनी मेधा का परिचय दिया वहीं नाटक के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के कृतित्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का शुभारम्भ sanskriti university के कुलपति डा. राणा सिंह, डीन डा. कल्याण कुमार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. ओ.पी. जसूजा, डा. डी.के. शर्मा, डा. सलोनी श्रीवास्तव, डा. अश्वनी कुमार सिंह, डा. जोहेल आदि ने मां सरस्वती की वंदना के बीच स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कुलपति डा. राणा सिंह ने कहा कि किसी भी देश के युवा उसका भविष्य होते हैं। उन्हीं के हाथों में देश की उन्नति की बागडोर होती है। आज भारत युवाओं का देश है, ऐसे में हमारी युवा पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद जी के बताए रास्ते पर चलकर देश के विकास का संकल्प लेना चाहिए। कुलपति डा. सिंह ने कहा कि विवेकानंद जी के विचारों में वह क्रांति और तेज है जो सारे युवाओं को नई चेतना से भर दे। उनके दिलों को भेद दे। उनमें नई ऊर्जा और सकारात्कमता का संचार कर दे।

आज भारत की युवा पीढ़ी अंगड़ाई ले रही है और भारत विश्व में सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाला देश है। इसी युवा शक्ति में भारत की ऊर्जा अंतर्निहित है। स्वामी विवेकानंद जी अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन वह युवाओं के प्रेरणास्रोत बनकर आज भी जिन्दा हैं। युवाओं को गीता के श्लोक के बदले मैदान में जाकर फुटबॉल खेलने की नसीहत देने वाले स्वामी विवेकानंद सर्वकालिक प्रासंगिक रहेंगे। कुलपति डा. राणा सिंह ने कहा कि एक किताब, एक कलम, एक बच्चा और एक शिक्षक पूरी दुनिया बदल सकता है। बच्चों आओ स्वामी विवेकानंद जी के कृतित्व से देश के विकास का संकल्प लें।

राष्ट्रीय युवा दिवस पर डीन डा. कल्याण कुमार ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने न केवल हिन्दू धर्म को अपना गौरव लौटाया अपितु विश्व फलक पर भारतीय संस्कृति व सभ्यता का परचम भी लहराया। नरेन्द्र से स्वामी विवेकानंद बनने का सफर उनके हृदय में उठते सृष्टि व ईश्वर को लेकर सवाल व अपार जिज्ञासाओं का ही साझा परिणाम था। डा. सलोनी श्रीवास्तव और डा. सोहैल ने भी स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। छात्रा अनु गौतम ने स्वामी जी के कृतित्व पर शानदार कविता का वाचन किया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद पर एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, इसमें अभिषेक कुमार प्रथम, कन्हैया द्वितीय तथा सपना को तीसरा स्थान मिला। डा. डी.के. शर्मा ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर बेहतरीन कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. ओ.पी. जसूजा ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रवेश कुमारी और शुभम माहेश्वरी ने किया।

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