राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस आज, स्वैच्छिक रक्त दाताओं की देश में भारी कमी

रक्त एक नैसर्गिक प्रक्रिया से उत्पन्न होता है | दिन प्रतिदिन अनेक मरीजों को इसकी आवश्यकता पड़ती है| रक्त की पूर्ति दानदाताओं द्वारा रक्तदान कराके की जाती है| दानदाताओं को स्वैच्छिक रक्तदान के जागरूक करने के लिए भारतवर्ष में सन 1975 से हर वर्ष 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस (National voluntary blood donation day) के रूप में मनाया जाता है ताकि लोगों को रक्त देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके| आज काफी संख्या में दुर्घटना में घायल लोग की असमय मृत्यु केवल उन्हें समय से रक्त उपलब्ध ना होने के कारण हो जाती है| गर्भवती महिला के प्रसव के समय तथा कुछ बीमारी खासकर थैलेसीमिया ,हीमोफीलिया ल्यूकेमिया ,ब्लड कैन्सर आदि कई बीमारियों में मरीज को लगातार ब्लड की आवश्यकता रहती है|

रक्त की आपूर्ति मरीज के परिजनों द्वारा या ब्लड बैंक से पूर्ति कराई जाती है पर जब ब्लड बैंक में रक्त नहीं होता है और परिजनों में जागरूकता की कमी होती है ऐसे में रक्त के जरूरतमंद रोगियों को परेशानी नहीं मौत का घर देखना पड़ता है |रक्त की इस कमी को दूर करने के लिए रक्त दाताओं द्वारा रक्त दान करने वालों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए अनेक समाजिक संगठन व जीवन बचाने के लिए तमाम व्यक्तिगत लोग समय-समय पर आगे आते हैं|यह लोग समय समय पर कैम्प लगाकर रक्तदान करके उसे बैंक में जमा करते रहते हैं अनेक समय में वह सीधे ही रोगियों के पास पहुंचकर रक्तदान करके रोगियों का जीवन बचाते हैं |

आज कोविड-19 में देखने में आ रहा है क‍ि रक्त की ,रक्त बैंक के साथ स्वैच्छिक रक्त दाताओं की भी बहुत कमी हो गई है ऐसे में इस वर्ष कोविड 19 स्वैच्छिक रक्त दान का दिन और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है कि हम 1 अक्टूबर 2020 को सभी नागरिकों को रक्त देने के लिऐ प्रोत्साहित् करें तथा यह भी बताएं कि रक्त देने से ना तो आपको कमजोरी आएगी ना ही आप किसी बीमारी से ग्रस्त होंगे बल्कि रक्तदाता को अपना वजन घटाने में भी मदद मिलती है जो रक्तदान करते हैं उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है |जब आप एक यूनिट रक्तदान करते हैं तो उससे दो ,तीन लोगों की जिंदगियां बचा सकते हैं |जब आप किसी की जिंदगी बचाते हैं तो आपको मानसिक संतुष्टि होती है साथ ही सौभाग्यशाली होते है वो जो किसी परिवार को ज़िंदगी देते है ।

आगरा में अनेक सामाजिक संगठन व व्यक्ति हैं जोकि हमेशा रक्त देने के लिए तत्पर रहते हैं और दूसरे लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ उनकी भ्रांतियों को भी दूर करते हैं |कोविड-19 के समय में अनेक आगरा के रक्त दाताओं वा संस्थाओं ने अपनी जान की बाजी लगाकर 2 साल के बच्चों से लेकर वृद्धों को रक्तदान करके उनका जीवन ना केवल बचाया है बल्कि उनके परिवारों को ख़ुशियाँ दी है| सभी पाठकों से अनुरोध है कि जो लोग हाइपरटेंश व शुगर या हार्ट के मरीज नहीं है और स्वस्थ जीवन जीते हैं उन्हें साल में एक बार रक्तदान करके लोगों का जीवन अवश्य बचाना चाहिए| इससे बड़ा पुण्य का काम और कोई नहीं है| आज आप को मनन करना चाहिए कि आप रक्तदान अवश्य करेंगे।*एक परिवार को नई जिंदगी देकर पुण्य कमाएँगे दूसरा खुद भी अपने आप को स्वस्थ रखेंगे ।आपने भी सुना होगा जीते जी रक्तदान मरते समय अंगदान *

– राजीव गुप्ता जनस्नेही
लोकस्वर आगरा

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