इंडस्ट्री ‘4.0 and Applications‘ विषय पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी

मथुरा। ‘इंडस्ट्री 4.0 and Applications‘ विषय पर आज संस्कृति विश्वविद्यालय में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में उपस्‍थित विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को चौथी औद्योगिक क्रांति के उन पहलुओं को बताया जिससे मानव जीवन का सीधे-सीधे जुड़ाव है। कहा गया कि मनुष्य के जीवन की बदलती वर्तमान जरूरतों और भविष्य की जरूरतों के लिए औद्योगिक तकनीक में क्या और कैसे बदलाव आ रहे हैं और कैसे बदलाव होने चाहिए यह सोचना आज के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

संगोष्ठी में एअरकान सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक केडी सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि आपका अविष्कार औद्योगिक क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। कुछ नया और उपयोगी करने की सोच के साथ सारी दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। चाहे वह ऊर्जा के विकल्प तलाशने का क्षेत्र हो या फिर कचरे से ऊर्जा पैदा करने का नवीन तरीका, दोनों ही क्षेत्रों में विद्यार्थियों को करने के लिए बहुत कुछ है। आपका आविष्कार समाज में क्रांति ला सकता है। विद्यार्थियों को सिर्फ आज के बारे में ही नहीं सोचना है, उन्हें भविष्य की जरूरतों के बारे में भी सोचना है। उन्हें ऐसा कौशल हासिल करना है, ताकि ऐसी खोज कर सकें जिससे न केवल वातावरण सुरक्षित रहे वरन किफायती डिवाइस तैयार कर सकें। हर क्षेत्र में ऐसे अविष्कार किए जा रहे हैं, जिनसे ऊर्जा, समय और धन सबकी बचत करने में हम सफल हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जो भी समस्या है, वह तो है ही, लेकिन इसका दूसरा पक्ष है कि समस्या हमें मौका दे रही है कुछ उपयोगी करने का।

कैंटियर सिस्टम लिमिटेड कंपनी के निदेशक आलोक वार्ष्णेय ने एक युवक का उदाहरण देते हुए बताया कि उसने कैसे चीनी उत्पाद से प्रतिस्पर्धा करने वाला किफायती और आधुनिक चेन पुली सिस्टम बनाकर व्यावसायिक सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री 4.0 का मतलब है स्मार्ट इंडस्ट्री। चौथी औद्योगिक क्रांति का हिस्सा बनने के लिए उत्पादन, आटोमेशन, डाटा केंद्रित वातावरण में बदलाव लाने होंगे। उन्होंने बताया कि जिस उत्पादन को महीनों में परंपरागत तरीके से किया जाता था वह आज चंद घंटों में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जाने लगा है। जीवन शैली स्मार्ट हो चुकी है। स्मार्ट टेक्नोलाजी ने सबकुछ आसान कर दिया है। और अब स्मार्ट सिटी की स्थापना हो रही है, हो चुकी है। मनुष्य के जीवन के हर क्षेत्र में लगातार नया अविष्कार हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी ने सभी क्षेत्रों में क्रांति ला दी है। हमारे विद्यार्थियों को भी इस ओर आगे बढ़कर उद्यम खड़े करने होंगे। अपने आप को तैयार करें क्योंकि बहुत तेजी से दुनिया में उद्योग की तकनीकि बदल रही है।

संगोष्ठी के प्रारंभ में संस्कृति विश्वविद्यालय के अकेडमिक डीन डा. अतुल कुमार चौहान ने विषय संबंधी जानकारी दी। विश्वविद्यालय के कुलपति डा. राणा सिंह ने चौथी औद्योगिक क्रांति के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। इश्रे दिल्ली चैप्टर की सेक्रेटरी पूर्णिमा शर्मा ने वर्तमान जरूरतों के लिए आवश्यक शिक्षा के बारे में बताया।

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