आगरा: राष्ट्रीय लोक अदालत में 8806 वादों का निस्तारण

Madhyapradesh: life sentence to 11 killers
आगरा: राष्ट्रीय लोक अदालत में 8806 वादों का निस्तारण

आगरा। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद में मा0 जनपद न्यायाधीश श्रीमती सरोज यादव की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय परिसर आगरा में किया गया। मा0 प्रधान न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय, मुख्य संरक्षक राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद के कुल 48 वाद निस्तारित किये गये, जिसमें प्रतिकर धनराशि 01 करोड़ 70 लाख 11 हजार रूपये दिलाई गयी। न्यायालय जनपद न्यायाधीश स्तर से 07 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद एवं 16 अन्य वाद निस्तारित किये गये। इसके अतिरिक्त अपर जनपद न्यायाधीश अश्विनी कुमार त्रिपाठी, विवेक सिंगल, संतोषराय, अनमोलपाल, दिनेश कुमार, सुनील कुमार मिश्रा, विवेक, सुरेन्द्रनाथ त्रिपाठी, प्रभाकरराव, सुभाषचन्द्र, कृष्णचन्द्र पाण्डे, कुशलपाल, ललिता गुप्ता, रीता सिंह, सर्वेश कुमार पाण्डे द्वारा मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद एवं अन्य 319 प्रर्कीण वादों का निस्तारण किया गया। विशेष जज (ईसीएक्ट) चमनप्रकाश द्वारा विद्युत संबन्धित 462 वादों का निस्तारण किया गया।

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रमेश सिंह द्वारा 90 परिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज सीडी कविता मिश्रा द्वारा 15 सिविल वादों का निस्तारण किया गया जिसमें 4 उत्तराधिकार के वाद सम्मिलित हंै इसके अतिरिक्त विभिन्न न्यायालयों द्वारा 147 सिविल वादांे का निस्तारण किया गया।

इस लोक अदालत में मजिस्टेªट कोर्ट द्वारा कुल 8003 वादों का निस्तारण करके धनराशि 6 लाख 99 हजार 265 रूपये  राजकोष में जमा कराया गया। जिसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश द्वारा 2842 वादों में 3 लाख 26 हजार 500 रूपये सम्मिलित हैं।

दीवानी न्यायालय से संबंधित विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 8443 वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी कचहरी, के अलावा तहसील स्तर पर भी किया गया जिसमें राजस्व विभाग 45, फौजदारी 108, एवं चकबन्दी 63, कुल 216 वादों का निस्तारण किया गया।

इस लोक अदालत में भारतीय संचार निगम लिमिटेड, वोडाफोन के मोबाइल बिल संबंधी 99 वादों में धनराशि 1 लाख 97 हजार 224 रूपये वसूली गयी एवं विभिन्न बैंकों के 47 वादों को प्रीलिटिगेशन के माध्यम से निस्तारण कराया गया, जिसमें समझौता धनराशि 25 लाख 60 हजार 500 रूपये सम्मिलित है। सम्पत्ति विवाद से संबन्धित एक प्रीलिटिगेशन वाद का भी निस्तारण किया गया।

इस प्रकार जनपद में जिला मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर एवं प्रीलिटिगेशन स्तर के 8806 वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रविन्द्र कुमार द्विवेदी एवं समस्त न्यायिक अधिकारीगण, विभिन्न बैंक, मोबाइल कंपनियों के अधिकारी, प्रतिनिधि, वादकारीगण, पत्रकारगण, मीडियाकर्मीगण एवं कर्मचारीगण आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *