शनि के गूढ़ रहस्यों का खुलासा कर हमेशा के लिए खामोश हुआ Cassini

वाशिंगटन। Cassini अपनी 20 वर्षों की अनवरत अंतरिक्ष यात्रा के दौरान सौर मंडल के तीसरे सबसे बड़े ग्रह शनि और उसके रहस्मय वलयों तथा चंद्रमाओं की अहम जानकारी जुटाने वाला अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का खोजी यान Cassini-Huygens आज हमेशा के लिए खामोश हो गया।

शनि के वायुमंडल में अपनी अंतिम यात्रा शुरू करने के साथ कासिनी ने भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे शनि और उसके वायु मंडल की अंतिम तस्वीरें और रेडियाे सिग्नल पृथ्वी पर भेजे। ये आखिरी संदेश नासा के आस्ट्रेलिया में कैनबरा स्थित डीप स्पेस सेंटर में एक घंटे 23 मिनट पर पहुंचेगे। शनि से पृथ्वी की दूरी एक अरब मील होने के कारण प्रकाश की गति से पृथ्वी पर पहुंचने में भी इन्हें इतना समय लगेगा।

20 साल से शनि ग्रह के राज खोज रहा नासा का कासिनी अंतरिक्ष यान अब शनि पर समाधि लेने वाला है लेकिन जाते-जाते भी Cassini-Huygens शनि के बारे में अहम जानकारियां दे जाएगा। अपने इस आखिरी मिशन के लिए कासिनी यान शनि के दोनों ध्रुवों के चारो तरफ 30 नवंबर से चक्कर शुरू करने वाला है।

20 चक्कर के बाद कासिनी शनि के बाहर मौजूद गैस और धूल के घेरों की जानकारी जुटाते हुए उनमें ही खो जाएगा, क्योंकि उसका ईंधन खत्म हो जाएगा। लेकिन, इससे पहले वो इस घेरे के पास के शनि के तमाम चांद की भी बेहतरीन तस्वीरें लेकर पृथ्वी पर भेजेगा। यानी शनि पर समाधि लेने से पहले अपनी सभी जिम्मेदारियों को निभाने के बाद कासिनी अलविदा कहेगा।

इसके साथ ही 20 साल का गौरवपूर्ण मिशन इतिहास बन जाएगा। वो इतिहास जिसकी शुरुआत 1997 में हुई थी जब कासिनी मिशन लांच किया गया था। साल 2004 में Cassini  शनि ग्रह की कक्षा में पहुंचा था तब से ये शनि के तमाम चांद, उसके बाहर के गैस के घेरे के बारे में जानकारी जुटा रहा है।

Cassini से ही पहली बार ये जानकारी मिली कि शनि के चांद (Titan) पर मिथेन है और एनसेलेडस पर समंदर है। आज कासिनी का अंत 15 सितंबर 2017 को हो गया।-एजेंसी