नरगिस दत्त की 86वीं बर्थ एनिवर्सरी आज

मुंबई। बॉलीवुड वेटरन एक्ट्रेस नरगिस दत्त की आज 86वीं बर्थ एनिवर्सरी है। नरगिस का जन्‍म 01 जून 1929 को हुआ था। नरगिस ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत की थी जिसमें उनके रोल को खूब पसंद किया गया। नरगिस का फिल्मी सफर बहुत ही छोटा था लेकिन इतने कम समय में उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग से लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ दी। यहां तक की 1940 से 1960 के दशक में नर्गिस को बॉलीवुड की मोस्ट फेवरेट एक्ट्रेस भी कहा जाने लगा था।
तो चलिए आज आपको नरगिस दत्त की बर्थ एनिवर्सरी पर उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताते हैं।
नरगिस दत्त का असली नाम फातिमा रशीद था। नरगिस ने बॉलीवुड में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट ‘तलाश-ए-हक’ फिल्म से 1935 में करियर की शुरुआत की थी।
महज 28 साल की उम्र में नरगिस ने बॉलीवुड की यादगार फिल्म ‘मदर इंडिया’ में मां का रोल निभाया था। इस फिल्म में नरगिस का नाम राधा था।
‘मदर इंडिया’ फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर आग लग गई थी। इस भयंकर आग से नरगिस की जान सुनील दत्त ने ही बचाई थी जिसके बाद दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया था। दिलचस्प बात ये है कि ‘मदर इंडिया’ फिल्म में सुनील दत्त नरगिस के बेटे बने थे।
कहा जाता है कि सुनील दत्त से शादी करने से पहले नरगिस राज कपूर को डेट कर रही थीं। राज कपूर पहले ही शादीशुदा थे जिसके बाद नरगिस ने राज कपूर से किनारा कर लिया।
किताब ‘द ट्रू लव स्टोरी ऑफ नरगिस एंड सुनील दत्त’ में नरगिस कहती हैं कि राज कपूर से अलग होने के बाद वो आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगी थीं। सुनील दत्त की जिंदगी में आते ही उन्होंने खुद को संभाला और डिप्रेशन से बाहर निकल पाईं।
सुनील दत्त से शादी के बाद बच्चों की देखभाल के लिए नरगिस ने बॉलीवुड से किनारा कर लिया था। कहा जाता है एक वक्त ऐसा आ गया था कि अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें जमापूजीं तक खर्च करने की नौबत आ गई थी, जिसकी वजह सुनील दत्त की फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर लगातार फ्लॉप होना था।
नरगिस टॉम ब्वॉय थीं और उन्हें स्वीमिंग और क्रिकेट का बेहद शौक था। इस बात को उनकी बेटी नम्रता कई बार मीडिया के सामने कह चुकी हैं।
कहा जाता है कि जब कैंसर के इलाज के लिए नरगिस विदेश जा रही थीं उस वक्त उन्हें सबसे ज्यादा संजय दत्त की फिक्र थी। यहां तक की उन्होंने एक खत भी लिखा था जिसमें कहा था इस बात का खास ध्यान रखना कि वह फिर से बुरी संगत में न पड़े।
नरगिस दत्त का निधन 2 मई 1981 को मुंबई में हुआ था। नरगिस की याद में 1982 में नर्गिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन बना।
नरगिस को बॉलीवुड करियर में बहुत मान-सम्मान मिला। उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मनित किया गया था। 1980 में इंदिरा गांधी की सरकार ने उन्हें राज्यसभा सदस्य भी बनाया।
-एजेंसी

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