OIC को नकवी का जवाब, मुसलमानों के लिए जन्‍नत है भारत

नई दिल्‍ली। भारत में मुसलमानों के प्रति ठीक व्‍यवहार ना होने के आरोप पर केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने जवाब दिया है। उन्‍होंने कहा है कि ‘भारत मुसलमानों के लिए जन्‍नत है और जो लोग इस माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, वो भारतीय मुसलमानों के दोस्‍त नहीं हो सकते।’
नकवी ने दरअसल ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्‍लामिक कोऑपरेशन (OIC) को भारत की ओर से जवाब दिया। दो दिन पहले, OIC ने भारत में ‘इस्‍लामोफोबिया’ के कथित मामलों पर चिंता जताई थी।
‘पीएम करते हैं 130 करोड़ भारतीयों की बात’
OIC ने कहा था कि भारत अपने मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘फौरन कदम उठाए’ और देश में ‘इस्‍लामोफोबिया’ के मामलों को रोके। इस पर नकवी ने कहा कि “हम अपना काम पूरी लगन से कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जब भी बोलते हैं, वे 130 करोड़ भारतीयों के अधिकारों और हितों की बात करते हैं। अगर कोई ये नहीं देख सकता तो ये उसकी समस्‍या है। भारत के मुसलमान, भारत के अल्‍पसंख्‍यक, इसके सभी तबके समृद्ध हैं। नकवी ने कहा कि “सेक्‍युलरिज्‍म और सद्भावना कोई पॉलिटिकल फैशन नहीं है, बल्कि भारत और भारतीयों के लिए तो ये परफेक्‍ट फैशन है।”
पीएम की अपील वाले दिन ही OIC ने कही थी ये बात
OIC की तरफ से यह बयान उसी दिन आया जिस रोज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से निपटने से जुड़ी एक अपील की थी। उन्‍होंने कहा था कि COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में ‘एकता और भाईचारा’ हमारा जवाब होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा था कि “COVID-19 हमला करने से पहले नस्‍ल, धर्म, रंग, जाति, भाषा या सीमाएं नहीं देखता है।”
विदेश मंत्रालय ने नहीं दी थी प्रतिक्रिया
OIC के इस बयान पर विदेश मंत्रालय ने फौरी प्रतिक्रिया नहीं दी थी। पिछले ही हफ्ते, विदेश मंत्रालय ने भारत में अल्‍पसंख्‍यकों से बुरे बर्ताव को लेकर लगाए गए ऐसे ही दो आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। तब यूएस कमिशन ऑफ इंटरनैशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने कहा था कि भारत में अल्‍पसंख्‍यकों पर दोषारोपण के मामले बढ़ रहे हैं। इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि बिना जाने-समझे इस तरह के बयान नहीं दिए जाने चाहिए। MEA ने USCIRF के एक फेक रिपोर्ट का हवाला देने पर भी तीखा हमला किया था।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *