साफ दिख रहा है ‘कुनबे की कालीन’ के नीचे ‘करप्शन का कचरा’: नकवी

नई दिल्‍ली। वरिष्ठ भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ‘कुनबे की कालीन’ के नीचे ‘करप्शन के कचरे’ का कोलाहल साफ दिख रहा है। यही ‘करप्शन का कचरा, कांग्रेस का पचड़ा’ बन गया है। ‘करप्शन के कारोबार’ के ‘सेठ की ऐंठ’ इस बात का सुबूत है कि ‘दाल में कुछ काला’ है।
राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए नकवी ने कहा कि जिन्हें आज भी ‘बैंगन और बर्गर’, ‘प्याज और पिज्जा’, ‘गन्ने और गुड़’, ‘धान और पान’, ‘सोलर प्लांट और सोलर पार्क’ का अंतर नहीं पता वह देश की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा व रिफॉर्म पर ‘अज्ञानता से भरपूर ‘बयान बहादुरी’ कर रहे हैं और आपदा को अपनी ‘अज्ञानता और अराजकता का अवसर’ बना बैठे हैं।
नकवी ने कहा कि भारत दुनिया का पहला लोकतांत्रिक देश होगा जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संकट के समय 81 करोड़ लोगों को मुफ्त भोजन, वन नेशन वन राशन कार्ड, 8 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर, 1 लाख 70 हजार करोड़ का गरीब कल्याण पैकेज, 20 करोड़ महिलाओं के जन धन खाते में 1500 रुपये, किसान सम्मान निधि के तहत 19 हजार करोड़ रुपये जैसे प्रभावी कदम उठाए गए, जिसके चलते लोगों में ‘विकास के प्रति विश्वास’ मजबूत हुआ।
नकवी ने कहा कि इसी कोरोना काल में तीन दर्जन से ज्यादा बड़े आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, प्रशासनिक, व्यापारिक, श्रमिक, रक्षा, कोयला, नागरिक उड्डयन, ऊर्जा, डिस्ट्रीब्यूशन, अंतरिक्ष, फॉरेस्ट लैंड, कृषि, संचार, बैंकिंग, निवेश एवं डेयरी से लेकर फेरी वालों तक की बेहतरी के लिए बड़े और महत्वपूर्ण रिफॉर्म किए गए, जिसके चलते देश की अर्थव्यवस्था आपदा के बावजूद अवसर से भरपूर रही।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी फैसलों और प्रयासों का परिणाम रहा है कि कोरोना की मारक क्षमता दुनिया के तमाम सुविधा संपन्न देशों के मुकाबले भारत में बहुत कम रही, देश का अपने नेतृत्व पर अटूट विश्वास और नेतृत्व द्वारा संकट के समय फ्रंट पर आकर संकट के समाधान के प्रभावी उपायों ने देश को कोरोना जैसी महामारी से जंग में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *