डिजिटल पेमेंट कमेटी के चेयरमैन बने Nandan Nilekani

नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भारत में भुगतान के डिजिटलीकरण का आकलन करने के लिए उच्च-स्तरीय समिति के अध्यक्ष के रूप में Nandan Nilekani को नियुक्ति किया है।

बता दें कि Nandan Nilekani इंफोसिस के को-फाउंडर हैं, साथ ही उन्होंने देश में आधार को आगे बढ़ाने में अहम रोल अदा किया है। नंदन नीलेकणी को 5 सदस्यों वाली उच्च-स्तरीय समिति का हेड बनाया गया है।

यह उच्च-स्तरीय समिति देश में डिजिटल पेमेंट को कैसे तेजी से आगे बढ़ाना है, रेग्युलेटर को क्या कदम उठाने चाहिए, ग्राहकों के पैसों को सेफ रखने के लिए क्या करना होगा, इंटरनेट बैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाने होंगे, पर काम करेगी।

लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं Nandan Nilekani
नीलेकणि 2014 में कांग्रेस के टिकट पर बेगलुरु की साउथ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, उन्हें भाजपा के अनंत कुमार से हार का सामना करना पड़ा था। वे 2015 से राजनीति में सक्रिय नहीं हैं।

अध्यक्ष नीलेकणी के अलावा इस कमेटी में एच आर खान (पूर्व डिप्टी गवर्नर), किशोर संसी (पूर्व एमडी और सीईएफ विजया बैंक), अरुणा शर्मा (सूचना एंव तकनीक मंत्रालय की पूर्व सचिव) और संजय जैन (आईआईएम अहमदाबाद) शामिल होंगे। यह समिति देश में भुगतान के डिजिटलीकरण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करेगी। साथ ही समस्याओं की पहचान कर उनसे निपटने के सुझाव पेश करेगी।

कमेटी वित्तीय समावेशन में डिजिटल भुगतानों के वर्तमान स्तरों का भी आकलन करेगी। साथ ही डिजिटल भुगतानों के अधिक उपयोग के माध्यम से अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण और वित्तीय समावेशन में तेजी लाने के लिए भारत में अपनाई जा सकने वाली तकनीक की पहचान करने के उद्देश्य से क्रॉस-कंट्री विश्लेषण भी करेगी।

डिजिटल भुगतान में सुरक्षा के उपाय और उन्हें मजबूत करने के सुझाव भी यह कमेटी देगी। कमेटी अपनी पहली मीटिंग के बाद 90 दिनों की अवधि में अपनी रिपोर्ट जमा करेगी।
-एजेंसी

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