सदन में ‘निवेदन’ कहने पर Naidu ने केंद्रीय मंत्री को लगाई फटकार

नई दिल्‍ली। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया Naidu ने सदन के पटल पर सरकारी दस्तावेज रखने के दौरान उपनिवेश काल के वाक्यांश ‘मैं निवेदन करना चाहता हूं’ का प्रयोग करने पर केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह को आज आड़े हाथ लिया।

Naidu ने सभापति बनने के तुरंत बाद सभी मंत्रियों एवं सदस्यों से अनुरोध किया था कि वे ‘मैं निवेदन करना चाहता हूं’ के बजाय ‘‘मैं यह कहने या दस्तावेज रखने के लिए खड़ा हुआ हूं’’ वाक्यांश का प्रयोग करने का सुझाव दिया था।

सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सरकारी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के दौरान जितेन्द्र सिंह ने अंतरिक्ष विभाग के दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि मैं निवेदन करना चाहता हूं। इस पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमने एक वर्ष पहले ही निवेदन को छोड़ चुके हैं। आप फिर भी निवेदन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदस्य महज यह कह सकते हैं कि मैं रिपोर्ट पेश करने के लिए खड़ा हुआ हूं।

सभापति ने कहा कि उन्हें निवेदन करने की जरूरत नहीं है। उपराष्ट्रपति बनने के बाद नायडू ने जब सदन में सदस्यों से ‘मैं निवेदन करता हूं’ नहीं कहने का अनुरोध किया था तो उसके बाद से प्राय: सभी सदस्यों एवं मंत्रियों ने इस वाक्यांश के प्रयोग को खत्म कर दिया था।

इससे पहले विंटर सेशन की शुरुआत वाले दिन (15 दिसंबर) भी नायडू ने कहा था कि मंत्री और मेंबर्स को ब्रिटिश दौर की सोच से उबरना चाहिए

कार्यवाही के दौरान वेंकैया ने कहा, कोई भी सदन के पटल पर रखी जानकारियों में ‘आई बेग टू…’ लाइन न लिखें

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने मेंबर्स से अंग्रेजों के समय से चली आ रही परंपरा को बदलने की बात कही है। उन्होंने मेंबर्स से कहा- “आई बेग टू ले द पेपर्स…”(मैं पेपर्स को सदन के पटल पर रखने की विनती करता हूं) जैसी शब्दावली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके बजाए उन्हें सीधे कहना चाहिए कि मैं सदन के पटल पर पेपर्स रख रहा हूं।

सदन की शुरुआत में भी नायडू ने सलाह दी थी
विंटर सेशन की शुरुआत वाले दिन (15 दिसंबर) भी नायडू ने कहा था कि मंत्री और मेंबर्स को ब्रिटिश दौर की सोच से उबरना चाहिए और ‘आई बेग टू ले…’ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
शनिवार को ये मामला तब सामने आया जब कानून राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने दस्तावेज पेश करते वक्त beg शब्द का इस्तेमाल किया। नायडू ने कहा कि इसकी जगह “आई राइज टू प्रेजेंट द पेपर्स लिस्टेड अगेंस्ट माई नेम…’ का इस्तेमाल करना चाहिए।
इस पर नायडू ने उन्हें पहले कही हुई सलाह दोहराई। उन्होंने चौधरी से कहा कि निवेदन न करें। – नायडू ने कहा कि जब उन्होंने पहले beg शब्द का यूज न करने के लिए कहा था तो चौधरी संभवत: मौजूद नहीं थे।

निवेदन करना सही नहीं
नायडू ने कहा कि पेपर रखने का निवेदन करता हूं की जगह आप केवल पेपर रख रहा हूं, कह सकते हैं।
15 दिसंबर के बाद से किसी भी मंत्री या मेंबर ने beg शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है।
शुक्रवार को जब चौधरी की बारी आई तो उन्होंने भी beg शब्द का यूज नहीं किया।

कार्यवाही के दौरान वेंकैया ने कहा, ”कोई भी सदन के पटल पर रखी जानकारियों में ‘आई बेग टू…’ लाइन न लिखें। इसके स्थान पर सिर्फ इतना लिखें कि ‘आई रेज टू ले ऑन द टेबल।’ किसी को विनती करने की जरूरत नहीं… यह आजाद भारत है।”
राज्यसभा के सभापति ने ऐसा इसलिए कहा, क्योंकि सदन की शुरुआत से पहले कई मंत्रियों ने अपने विभागों की जानकारियों के साथ पेपर्स पर एक वाक्य लिखा था- “I beg to lay on the table the papers listed against my name in today’s revised list of business.”
हालांकि, इसके बाद वेंकैया ने साफ किया कि यह कोई ऑर्डर नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री इसे एक सुझाव की तरह ले सकते हैं।

 

-एजेंसी

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