नेपाल की जमीन पर चीन के कब्‍जे का खुलासा करने वाले पत्रकार की रहस्‍यमय मौत

काठमांडू। नेपाल की जमीन पर चीन के कब्‍जे का खुलासा करने वाले वरिष्‍ठ नेपाली पत्रकार बलराम बनिया की रहस्‍यमय परिस्थितियों में मौत हो गई है। बलराम बनिया नेपाली अखबार कांतिपुर डेली में सहायक संपादक थे। वह गत 10 अगस्‍त को रहस्‍यमय तरीके से लापता हो गए थे और बाद में 12 अगस्‍त को उनका शव नदी के किनारे मिला था। उन्‍होंने जून महीने में नेपाल के रुई गांव में चीन के कब्‍जे की खबर दी थी।
बलराम बनिया की मौत के बाद नेपाल प्रेस यूनियन ने सरकार ने इस हत्‍याकांड की गहराई से जांच की मांग की है। यूनियन के महासचिव अजय बाबू शिवकोटि ने कहा कि इस घटना की व्‍यापक जांच होनी चाहिए ताकि सच जनता के सामने आए। यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि यह दुर्घटना है, आत्‍महत्‍या या मर्डर है। बनिया के चेहरे पर चोट के काफी ज्‍यादा निशान थे।
बनिया ने खुलासा किया था कि भारत के साथ कालापानी सीमा विवाद का मुद्दा उठाने वाले नेपाल के रुई गांव पर पिछले तीन साल से चीन ने कब्‍जा कर रखा है। करीब 60 साल तक नेपाल सरकार के अधीन रहने वाले रुई गांव के गोरखा अब चीन के दमनकारी शासन के अधीन हो गए हैं। नेपाली अखबार अन्‍नपूर्णा पोस्‍ट के मुताबिक रुई गांव वर्ष 2017 से तिब्‍बत के स्‍वायत्‍त क्षेत्र का हिस्‍सा हो गया है। इस गांव में अभी 72 घर हैं।
रुई गांव अभी भी नेपाल के मानचित्र में शामिल है लेकिन वहां पर पूरी तरह से चीन का नियंत्रण हो गया है। रुई गांव के सीमा स्तंभों को अतिक्रमण को वैध बनाने के लिए हटा दिया गया है। बनिया के इस खुलासे के बाद नेपाली विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवली ने दावा किया था कि चीन ने किसी तरह का कब्‍जा नहीं किया है। नेपाल में चीन की राजदूत ने भी इस पर सफाई दी थी। इस खुलासे के बाद बनिया की मौत अब पूरे मामले को लेकर सवाल पैदा कर रही है।
-एजेंसियां

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