मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: ब्रजेश ठाकुर को आजीवन कारावास की सजा

नई दिल्‍ली। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में दोषी ब्रजेश ठाकुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने ठाकुर को दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट ने 4 फरवरी को सजा पर बहस पूरी कर ली थी।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में आश्रयगृह में लड़कियों के यौन शोषण और शारीरिक उत्पीड़न के मामले में ब्रजेश ठाकुर को कोर्ट ने 20 जनवरी को दोषी ठहराया था। उसके खिलाफ पॉक्सो कानून और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत बलात्कार तथा सामूहिक बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया गया था।
अदालत ने 1,546 पन्नों के फैसले में ठाकुर को धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 324 (खतरनाक हथियारों या माध्यमों से चोट पहुंचाना), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), उकसाने, पॉक्सो कानून की धारा 21 (अपराध होने की जानकारी देने में विफल रहने) और किशोर न्याय कानून की धारा 75 (बच्चों के साथ क्रूरता) के तहत भी दोषी ठहराया है।
ब्रजेश ठाकुर की संस्था सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित बालिका गृह में नाबालिग बच्चियों से बलात्कार और अन्य वारदातों को अंजाम दिया जाता था। रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद 31 मई 2018 को मुजफ्फरपुर महिला थाने में केस दर्ज किया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद सियासी हलकों में भी इसकी खूब चर्चा हुई थी। देशभर में इस घटना के विरोध में प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
मामले की जानकारी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टिस) द्वारा 26 मई 2018 को बिहार सरकार को एक रिपोर्ट सौंपने के बाद सामने आई थी। यह रिपोर्ट उसी साल फरवरी में टिस ने बिहार समाज कल्याण विभाग को सौंपी थी।
-एजेंसियां

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