ममता के मंत्रियों की थाली से मटन और टाइगर झींगा गायब

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे खर्चों में कटौती का निर्णय लिया है और अब उसका असर भी दिखने लगा है। गुरुवार को ही सीएम ने मंत्रियों और अधिकारियों के यात्रा और भोजन पर किए गए खर्चों में कटौती के निर्देश दिए थे और लंच के समय यह कटौती देखने को भी मिली।
मुख्यमंत्री के साथ लंच के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों को जो भोजन परोसा गया उसमें कटौती साफ दिखी। रोहू मछली और पनीर के साथ थाली में काफी कम व्यंजन शामिल रहे। मटन और टाइगर झींगा का नहीं होना साफ संकेत दे रहा था कि खर्चों में कटौती को लेकर सीएम का निर्देश असर दिखा रहा है।
बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार सूबे में अधिकारियों और मंत्रियों पर हो रहे खर्चे को कम करने की वकालत करती रही हैं। उन्होंने खर्चों में कटौती के लिए पिछले दिनों ही 12 विभागों को एक-दूसरे से जोड़ने की कवायद की है।
ममता ने कहा, ‘जनता के हित में जारी परियोजनाओं के साथ हम समझौता नहीं कर सकते। जनता का पैसा उन पर ही खर्च हो इसलिए हमने अन्य खर्चों में कटौती का फैसला किया है।’ इसी निर्देश के आधार पर बीते 2 जुलाई को ही मुख्य सचिव मलय डे ने खर्च में कटौती के लिए सरकारी अधिकारियों को 15 सूत्रीय दिशानिर्देश भी जारी किया था। गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी इसे लेकर सख्ती से पालन के निर्देश दिए गए।
फिजूलखर्ची पर रोक के लिए ये निर्देश
खर्चों में कटौती के लिए जो निर्णय लिए गए हैं उसके तहत सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन, आयोजन स्थल की साज-सज्जा पर न्यूनतम खर्च, गाड़ी खरीदने में कटौती, इकॉनमी क्लास में उड़ान भरने और बड़े होटलों में कॉन्फ्रेंस और बैठकें नहीं करने का निर्देश है। इसके अलावा खर्च कम करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा देने और कहीं आने-जाने के लिए कैब को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
केंद्र पर उपेक्षा का आरोप
इस दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर उपेक्षा का भी आरोप लगाया है। सीएम ने कहा कि केंद्र के बंगाल के साथ सौतेले व्यवहार के बावजूद किसानों की आय अपने राज्य में पहले ही तीन गुना कर चुकी हैं और अब वह विकास योजनाओं के लिए पैसे बचाने के लिए कदम उठा रही हैं।
-एजेंसी

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