संगीतकार प्रीतम को आज के दौर से शिकायत है

2004 की फ़िल्म ‘धूम’ से एकल संगीतकार के रूप में बॉलीवुड में कदम रखने वाले प्रीतम को आज के संगीत के दौर से शिकायत है कि जो आदर पहले संगीतकार और गीतकार को मिलता था वो आज नहीं मिल रहा है.
एक दशक से अधिक हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में सफ़ल वक़्त गुज़ार चुके संगीतकार प्रीतम ने श्रोताओं को कई हिट गाने दिए है.
अपने संगीतमय फ़िल्मी सफर को उन्होंने एक सपना बताया और जो कुछ भी उन्हें मिला उससे वो संतुष्ट हैं, पर उन्होंने माना की म्यूज़िक इंडस्ट्री में अब संगीत बनाने वालों की पहचान खोती जा रही है.
‘ये जवानी है दीवानी’ फ़िल्म के ‘बदतमीज़ दिल’ गीत का ज़िक्र होता है तो गायक बेनी दयाल का नाम हर जगह ज़रूर आता है पर गाने का निर्माण करने वाले संगीतकार और गीतकार का नाम कही नहीं लिया जाता.
‘गीत अब गायक तक सीमित’
प्रीतम कहते हैं, “संगीतकार और गीतकार अपने मौलिक अधिकार खोते जा रहे हैं. जहाँ एक ज़माने में जब किसी गाने का कहीं पर ज़िक्र हुआ करता था तो गायक के साथ-साथ गीतकार और संगीतकार का भी नाम लिया जाता था. अब ये सिर्फ़ गायक तक सीमित रह गया है.”
वो आगे कहते हैं, “गायकी से बहुत पैसे मिलते हैं. अगर आपका एक गीत हिट हो जाए तो कई शो में उस गाने से बहुत कमाई होती है. उस गायक की कमाई संगीतकार से 500 गुना ज़्यादा होती है. ये नवीन पीढ़ी को प्रोत्साहन नहीं देता कि वो संगीतकार बने. वो पहले गायक बनना पसंद करेंगे क्यूंकि उसमे ज़्यादा कमाई है. दर्शक अक्सर शिकायत करते हैं कि संगीत ख़राब होता जा रहा है. पुराने ज़माने के गाने अच्छे थे. आज के गाने अच्छे नहीं है. पर उस दौर में नौशाद साहब और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी को वो आदर मिलता था. आज उस आदर और सम्मान की कमी है”
प्रीतम का कहना है कि पश्चिम में हर हिट गाने की कमाई से गीत के निर्माता को हिस्सा मिलता है जो यहाँ नहीं मिलता है. प्रीतम का ये भी कहना है कि अगर संगीतकार नया होता है तो निर्माता उसका शोषण करते हैं, कम पैसों में काम करवाते हैं और जब गाने हिट हो जाते हैं तो नया संगीतकार अधिक पैसे के आकर्षण में ज़रूरत से ज़्यादा काम का भार उठा लेते हैं जिससे संगीत की गुणवत्ता में कमी आती है.
प्रीतम ने शुरू किया था नया ट्रेंड
नए गायक को मौका देने की चाहत में प्रीतम ने हिंदी इंडस्ट्री में नया ट्रेंड शुरू किया, जिसमें वो एक गीत कई गायक से गवाया करते थे. इस ट्रेंड से मोहित चौहान, अमित मिश्रा, जोलिंटा गाँधी जैसे गायक को फ़िल्मों में गाने का मौका मिला. पर दिक्कतें तब आईं जब प्रसिद्ध गायक की आवाज़ों में गाना डब होने लगा और उन्हें अंत में रद्द कर दिया गया.
प्रीतम ने कहा, “निर्माताओं के बंदूक से निकली गोली संगीतकार के कंधे से होकर गुज़रती थी, जिससे मेरे संबंध गायक से ख़राब हो जाते थे पर अब मैंने प्रणाली बनाई है की जिस गायक की आवाज़ में गीत डब होगा उसे मैं रद्द नहीं करूँगा क्योंकि मुझे कई बार इसके गलत आरोप लगे थे.”
‘मैंने कई ग़लत फैसले लिए’
वहीं, प्रीतम पर कई बार संगीत चोरी का भी इलज़ाम लगा था. इस पर सफ़ाई देते हुए प्रीतम ने कहा, “मेरे शुरुआती करियर में मैंने कई ग़लत फैसले ले लिए थे. उस समय मेरी समझ भी कम थी. पर अब मैं उससे बाहर आ चूका हूँ. लोगों को तुलना करने में ख़ुशी मिलती है पर वो निराधार है. कोई यन्त्र की धुन समान होने से संगीत समान नहीं हो जाता. शुरुआती करियर में दिक्कत हो गई थी. कभी कभी ख़राब भी लगता है पर बहुत सारे लोग हैं जो बहुत प्यार देते हैं और वहीं से मुझे ऊर्जा मिलती है नए गाने बनाने की.”
सलमान खान, शाहरुख़ खान, आमिर खान, अक्षय कुमार, अजय देवगन, रणबीर कपूर, वरुण धवन जैसे सभी बड़े स्टार के साथ काम कर चुके प्रीतम अब रणवीर सिंह, अर्जुन कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ काम करने के लिए आतुर हैं.
आमिर खान की फ़िल्म दंगल के धाकड़ गीत बनाने वाले प्रीतम को आमिर खान की आगामी फ़िल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ का भी ऑफर आया था पर काम की व्यस्तता के कारण उन्हें ना कहना पड़ा पर उनका कहना है की संगीतकार अमित त्रिवेदी फ़िल्म के संगीत के लिए उनसे बेहतर चयन है.
‘ऐ दिल है मुश्किल’, ‘टूयूबलाइट’,’जग्गा जासूस’, ‘जब हैरी मेट सेजल’ के बाद अब संगीतकार प्रीतम फ़िलहाल लंबे अंतराल पर हैं और परिवार के साथ खोए हुए वक़्त की भरपाई कर रहे हैं.
-BBC