संगीत का हमारी भावनाओं के साथ है अनोखा संबंध

एक स्टडी में बताया गया कि क्लासिकल म्यूजिक सुनने से हाइपरटेंशन की दवाओं का प्रभाव बढ़ता है। इससे हाई बीपी कंट्रोल करने में काफी मदद मिलती है।
कई स्टडीज में म्यूजिक की सूदिंग पावर सामने आ चुकी है। म्यूजिक स्ट्रेस को कम करने में काफी मददगार है। रिसर्चर्स के अनुसार म्यूजिक हमारी सेहत को अच्छी रखने में भी कारगर हो सकता है। संगीत का हमारी भावनाओं के साथ अनोखा संबंध है।
साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया कि क्लासिकल म्यूजिक सुनने से हाइपरटेंशन की दवाओं का प्रभाव बढ़ता है। इससे हाई बीपी कंट्रोल करने में काफी मदद मिलती है।
संगीत एक ऐसी चीज है जो भाषा, संस्कृति और धर्म से परे है। यह हर जगह है। आइए, बताते हैं कि म्यूजिक हम पर किस तरह जादुई प्रभाव डाल सकता है।
टेंशन- जब भी मूड अच्छा नहीं होता है तो स्लो म्यूजिक सुनने का मन करता है लेकिन ऐसे में फास्ट बीट्स सुनने से आपका मूड अच्छा हो सकता है।
बेचैनी- अगर आप बात-बात पर चिंता करने लगते हैं तो म्यूजिक आपकी मदद कर सकता है। इससे आपका मन शांत होगा। जैसे, किसी एग्जाम या परीक्षा से पहले आपका मन परेशान हो तो म्यूजिक से मन शांत करके जाएं।
मेमोरी- म्यूजिक आपकी याद रखने की क्षमता को भी बढ़ाता है।
प्रेग्नेंसी में- गर्भ में बच्चे तीसरी तिमाही से मां के जरिए बाहरी आवाज सुनने लगते हैं। ऐसे में माओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने मन का संगीत सुनें। इससे बच्चे के विकास में मदद होती है।
-एजेंसियां

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