मुनव्वर राना को सीने में दर्द, पीजीआई में कराया गया भर्ती

लखनऊ। उर्दू के प्रख्‍यात शायर मुनव्वर राना की हालत नाजुक बताई जा रही है, उन्हें लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें सीने में दर्द होने पर परिजनों ने पीजीआई में भर्ती कराया। संस्थान के जी ब्लॉक स्थित कार्डियोलॉजी के वार्ड के प्राइवेट रूम एक में भर्ती मुनव्वर राना का इलाज कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की टीम कर रही है।

मशहूर शायर मुनव्वर राना पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती हैं। उन्हें सीने में दर्द होने पर परिजनों ने पीजीआई में भर्ती कराया। संस्थान के जी ब्लॉक स्थित कार्डियोलॉजी के वार्ड के प्राइवेट रूम एक में भर्ती मुनव्वर राना का इलाज कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की टीम कर रही है। मंगलवार को डॉक्टरों ने उनकी कई जांचे कराई। अब उनकी सेहत पहले से बेहतर है।

मुनव्वर राना को सोमवार को दिल में दर्द होने पर परिजन पीजीआई की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने देखने के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कर दिया था। मंगलवार को श्री राना के स्वास्थ्य में सुधार होने पर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

पीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर और सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल ने मंगलवार को श्री राना से मिलकर हालचाल लिया। राना के पीजीआई में भर्ती होने की जानकारी मिलने पर मंगलवार को उनके शुभचिंतक और रिश्तेदार मिलने पहुंचे।

मुनव्वर राना ऐसे शायर हैं जिनकी शायरी आपको इंसानी रिश्तों की अतल गहराईयों में भी ले जाती है। हिंदी और उर्दू दोनों पर समान अधिकार रखने वाले राना ने मां और बेटियों को अपनी गज़लों में ऐसी नवाज़िशें दी हैं, जो कहीं और देखने को नहीं मिलती।

मुनव्वर राना की ग़ज़ल ‘अलमारी से ख़त उस के पुराने निकल आए’

अलमारी से ख़त उस के पुराने निकल आए
फिर से मेरे चेहरे पे ये दाने निकल आए

माँ बैठ के तकती थी जहाँ से मेरा रस्ता
मिट्टी के हटाते ही ख़ज़ाने निकल आए

मुमकिन है हमें गाँव भी पहचान न पाए
बचपन में ही हम घर से कमाने निकल आए

ऐ रेत के ज़र्रे तेरा एहसान बहुत है
आँखों को भिगोने के बहाने निकल आए

अब तेरे बुलाने से भी हम आ नहीं सकते
हम तुझ से बहुत आगे ज़माने निकल आए

एक ख़ौफ़ सा रहता है मेरे दिल में हमेशा
किस घर से तेरी याद न जाने निकल आए.

-एजेंसी

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