मुल्तान बार एसोसिएशन का फैसला, गैर मुस्लिम वकील नहीं लड़ सकेंगे बार चुनाव

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव का एक और मामला सामने आया है। मुल्तान बार एसोसिएशन से एक प्रस्ताव पास हुआ है, जिसके अनुसार हिंदू और अहमदिया समेत गैर मुस्लिम वकील बार काउंसिल का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
स्थानीय अखबारों में छपी रिपोर्ट के मुताबिक बार काउंसिल का चुनाव लड़ने के इच्छुक वकीलों को भी इस्लाम में अपनी आस्था को साबित करने के लिए एक हलफनामा दाखिल करना अनिवार्य होगा। बता दें कि मुल्तान के जिला बार एसोसिएशन के वकीलों द्वारा यह प्रस्ताव लाया गया था, जिसे पारित कर दिया गया।
निशाने पर हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध और अहमदिया समुदाय
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। बहुसंख्यक सुन्नी समुदाय के निशाने पर प्रमुख रूप से हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध और अहमदिया समुदाय के लोग रहते हैं। शियाओं की स्थिति भी वहां बहुत अच्छी नहीं है। यही हाल सिखों का है।
गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर बेकाबू भीड़ का हमला
अभी कुछ दिनों पहले ही गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर एक बेकाबू भीड़ ने हमला कर दिया था। जिसकी भारत ने कड़े शब्दों में निंदा की थी। इसी प्रकार पेशावर में एक सिख युवक की हत्या को लेकर भी पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी ने जमकर आलोचना की थी।
-एजेंसियां

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