बेगम के इंतकाल पर मुल्‍ला नसरुद्दीन की चाहत

कहते हैं कि चोर, चोरी करना भले ही छोड़ दे किंतु हेराफेरी करना नहीं छोड़ता।
मुल्‍ला नसरुद्दीन की बेगम फातिमा का अचानक इंतकाल हो गया। यह जानकार फातिमा के बचपन की सहेली मुमताज मुल्‍ला के यहां मातपुर्सी के लिए पहुंची।
असमय फातिमा की मौत पर सहानुभूति जताने के बाद मुमताज ने मुल्‍ला से कहा- मियां, आप तो भली-भांति जानते हैं कि फातिमा और मेरा बचपन का साथ था। वह मेरी सहेली क्‍या, सगी बहन जैसी थी।
अब आप मेरे लिए बस इतना कर दीजिए कि उसकी कोई प्रिय वस्‍तु मुझे दे दीजिए ताकि मैं उसे हमेशा याद रख सकूं।
अब तक जो मुल्‍ला अपनी पत्‍नी फातिमा की पक्‍की सहेली मुमताज के सामने जार-जार रो रहा था, उसने झट से आंसू पोंछे और बोला- तुम वाकई बहुत अच्‍छी हो।
फातिमा मुझसे बहुत प्‍यार करती थी। उसकी भी अंतिम इच्‍छा यही थी कि उसकी चाहत को कोई अपना ले।
…तो बताओ, मेरे बारे में क्‍या खयाल है।