मुल्‍ला नसरुद्दीन का शराब के खिलाफ भाषण

मुल्‍ला नसरुद्दीन पीने-पिलाने वाला और शराब व शराबियों के प्रति सहानुभूति रखने वाला इंसान था।
कुछ लोगों ने एक दिन मुल्‍ला को अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया। कार्यक्रम में पहुंचने के बाद मुल्‍ला को पता लगा कि वह कार्यक्रम तो शराब की खिलाफत में है।
हद तो तब हो गई जब आयोजकों ने मुल्‍ला से कार्यक्रम में कुछ बोलने का अनुरोध और कर डाला।
मुल्‍ला ने बोलने से बचने की काफी कोशिश की किंतु आयोजक अपनी जिद पर अड़े रहे।
हारकर मुल्‍ला शराब की खिलाफत में बोलने को खड़ा हुआ।
मुल्‍ला ने कहा- शराब देश के लिए कलंक है। घर-परिवार पर आफत है। शराब पीकर आप अपनी बेगम से झगड़ते हैं। कभी-कभी तो आप उसे अपनी लाइसेंसी बंदूक से मारने को भी तैयार हो जाते हैं।
शराब ही वह बला है जिसके कारण आप इतना सब-कुछ कर लेने के बावजूद निशाना चूक जाते हैं।