मुल्‍ला नसरुद्दीन की शराब के खिलाफ शिक्षा

अधिकांश लोगों की सारी शिक्षा दूसरों के लिए होती हैं। वो खुद उस पर कभी अमल नहीं करते।
मुल्‍ला नसरुद्दीन ने शराब के खिलाफ एक बड़ी प्रभावशाली किताब लिखी। मुल्‍ला की लिखी उस किताब को पढ़कर हजारों लोग शराब पीना छोड़ चुके थे।
एक दिन कुछ लोगों को सड़क पर कोई आदमी पड़ा मिला, जिसने काफी शराब पी रखी थी। दया करके लोग उसे अस्‍पताल ले गए। सही समय पर उपचार मिल जाने की वजह से वह व्‍यक्‍ति ठीक होने लगा।
जब वह बातचीत करने लायक हो गया तो लोगों ने उससे कहा कि भाई, मुल्‍ला नसरुद्दीन द्वारा शराब के खिलाफ लिखी हुई किताब एकबार पढ़ लो। हमें यकीन है कि फिर तुम भी शराब से तौबा कर लोगे और फिर इस जहर को कभी मुंह नहीं लगाओगे।
लागों की बात सुनकर उस व्‍यक्‍ति ने अपने कोट की जेब से वह किताब निकाली और लोगों को दिखाकर पूछने लगा- क्‍या आप इसी किताब की बात कर रहे हैं?
लोगों ने कहा- हां-हां, हम इसी किताब की बात कर रहे हैं। पर क्‍या तुमने यह किताब पढ़कर भी शराब नहीं छोड़ी?
इस पर उस आदमी का जवाब था- हां, नहीं छोड़ी। क्‍योंकि मैं ही मुल्‍ला नसरुद्दीन हूं जिसने यह किताब लिखी है।